ग्रेटर नोएडा के दनकौर में लावारिस गोवंश बने काल, 2 अलग-अलग हादसों में दंपती और कारपेंटर की मौत
ग्रेटर नोएडा के दनकौर में लावारिस गोवंश की वजह से हुए दो अलग-अलग हादसों में दंपती और कारपेंटर की मौत हो गई। 3 महीने में 10 हादसे होने से लोगों में भारी आक्रोश है।
ग्रेटर नोएडा: ग्रेटर नोएडा के दनकौर क्षेत्र में सड़कों पर खुले में घूम रहे लावारिस गोवंश वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं।
दनकौर में एक ही रात में लावारिस पशुओं की वजह से हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में बाइक सवार दंपती और एक कारपेंटर की दर्दनाक मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद स्थानीय निवासियों में गहरा रोष व्याप्त है और उन्होंने जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों व प्राधिकरण पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
🚲 पहले हादसे में कारपेंटर अनीश की मौत: सिकंदराबाद रोड बिजली घर चौराहे के पास हुआ हादसा
दनकौर-सिकंदराबाद रोड पर बिजली घर चौराहे के पास बुधवार देर रात काम निपटाकर लौट रहे बाइक सवार लावारिस गोवंश से टकरा गए:
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मृतक की पहचान: मृतक की पहचान बुलंदशहर निवासी अनीश (47) के रूप में हुई है, जो दनकौर कस्बे में कारपेंटर का काम करते थे।
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घटनाक्रम: देर रात घर लौटते समय अचानक चौराहे पर बाइक के सामने आवारा पशु आ गया, जिससे टकराकर वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
🚗 दूसरे हादसे में कारपेंटर के बाद दंपती की जान गई: 3 मासूम बच्चों के सिर से उठा माता-पिता का साया
वहीं दनकौर के गंग नहर पटरी मार्ग पर हुए दूसरे भीषण हादसे में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार दंपती को जोरदार टक्कर मार दी:
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दंपती की पहचान: मृतकों की पहचान रबूपुरा के चचूरा गांव निवासी हरिकेश (38) और उनकी पत्नी प्रियंका (32) के रूप में हुई है। दोनों ग्रेटर नोएडा की एक निजी कंपनी में काम करते थे।
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हादसे की वजह: प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज रफ्तार कार के सामने अचानक एक गोवंश आ गया था, जिससे चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और कार बाइक से जा टकराई। इस हादसे ने तीन मासूम बच्चों के सिर से हमेशा के लिए माता-पिता का साया छीन लिया।
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कार्रवाई: आरोपी चालक कार मौके पर छोड़कर फरार हो गया। रबूपुरा कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार के अनुसार कार जब्त कर चालक के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
⚠️ 3 माह में हो चुके हैं 10 से अधिक हादसे: कैटल टैगिंग सिस्टम भी साबित हो रहा बेअसर
दनकौर-सिकंदराबाद रोड पर पिछले 3 महीनों में लावारिस पशुओं से टकराने के करीब 10 हादसे हो चुके हैं।
स्थानीय समाजसेवियों का कहना है कि बिजली घर चौराहा, समसपुर कट और कनारसी चौराहे पर पशुओं का झुंड जमा रहता है। प्राधिकरण और जिला प्रशासन से बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्राधिकरण द्वारा शुरू किया गया कैटल टैगिंग सिस्टम (Cattle Tagging System) भी धरातल पर लागू नहीं हो सका है।
🛣️ वाहन चालकों की जिंदगी से खिलवाड़: अंधेरे में नहीं दिखाई देते आवारा पशु
रबूपुरा, दनकौर, रौनीजा, सलारपुर और सेक्टर-22 समेत आसपास के क्षेत्रों में रात के समय सड़कों पर गोवंश के जमावड़े के कारण वाहन चालकों की जान जोखिम में रहती है।
अंधेरे में तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक पशु आ जाते हैं, जिससे चालक संभल नहीं पाते। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रशासन ने लावारिस पशुओं को पकड़कर गौशाला भेजने की व्यवस्था नहीं की, तो वे सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।