ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक पर जाम से जल्द मिलेगी मुक्ति, 700 मीटर लंबे 6-लेन अंडरपास का मुख्य काम पूरा
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक पर 700 मीटर लंबे 6-लेन अंडरपास का निर्माण पूरा हो गया है। 5 नवंबर को इसके उद्घाटन से लाखों यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बेहद व्यस्त गौर चौक पर रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से अब वाहन चालकों को जल्द ही स्थायी रूप से राहत मिलने की उम्मीद है। यहां लगभग 700 मीटर लंबे 6-लेन अंडरपास का मुख्य निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है। वर्तमान में सड़क पर मार्किंग करने, स्ट्रीट लाइटें लगाने, दीवारों की पेंटिंग करने और छत से जुड़े अन्य फिनिशिंग कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इन सभी कार्यों को अंतिम रूप देने के बाद इस अंडरपास को आम जनता के यातायात के लिए खोलने की पूरी तैयारी है। चर्चा है कि इसका उद्घाटन 5 नवंबर को हो सकता है। इसके चालू होने से गौर सिटी, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और आसपास की सोसाइटियों में रहने वाले लाखों लोगों को रोजाना के ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
⏱️ जुलाई 2024 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट; ग्रेप प्रतिबंधों और बारिश के कारण धीमी हुई थी रफ्तार
निर्माण में आई बाधाएं और देरी के कारण:
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शुरुआती लक्ष्य: गौर चौक अंडरपास का निर्माण कार्य जुलाई 2024 में शुरू किया गया था, और शुरुआत में इसे लगभग 18 महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।
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बाधाएं और चुनौतियां: हालांकि, निर्माण के दौरान कई तरह की व्यावहारिक अड़चनें सामने आईं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लागू किए जाने वाले ग्रेप (GRAP) प्रतिबंधों के कारण काम कई बार प्रभावित हुआ। इसके अलावा, मानसून की भारी बारिश और अन्य तकनीकी चुनौतियों ने भी निर्माण की रफ्तार को धीमा कर दिया था।
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यूटिलिटी शिफ्टिंग: परियोजना के तहत जमीन के नीचे की उपयोगिता सेवाओं (Utility Services) को दूसरी जगह शिफ्ट करने और विशाल रैंप तैयार करने में भी काफी समय लगा, जिसके कारण अंडरपास का निर्माण तय समयसीमा से थोड़ा आगे बढ़ गया। अब मुख्य ढांचा तैयार होने के बाद फिनिशिंग का काम अंतिम चरण में है।
💰 60 करोड़ से बढ़कर 92 करोड़ पहुंची प्रोजेक्ट की लागत; ट्रैफिक दबाव से मिलेगी मुक्ति
लागत और उद्देश्य का विवरण:
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बजट में बढ़ोतरी: गौर चौक अंडरपास परियोजना की शुरुआती अनुमानित लागत करीब 60 करोड़ रुपये थी। बाद में टेंडर दरों और यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसे अतिरिक्त जरूरी कार्यों के चलते इसकी कुल लागत बढ़कर लगभग 92 करोड़ रुपये हो गई है।
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यातायात का दबाव कम करना: लगभग 700 मीटर लंबा यह आधुनिक 6-लेन अंडरपास गौर चौक के चारों तरफ वाहनों के अत्यधिक दबाव को कम करने के मुख्य उद्देश्य से डिजाइन किया गया है। इसके शुरू होने के बाद चौराहे पर वाहनों को बार-बार ट्रैफिक सिग्नल पर रुकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, जिससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट के प्रमुख मार्गों पर सफर सुगम होगा।
🏙️ गौर सिटी से सूरजपुर और गाजियाबाद आने-जाने वाले यात्रियों का सफर होगा आसान
दैनिक यात्रियों को मिलने वाले फायदे:
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प्रमुख ट्रैफिक जंक्शन: गौर चौक इस पूरे क्षेत्र का सबसे व्यस्त और प्रमुख ट्रैफिक जंक्शन है। सुबह और शाम के पीक आवर्स (व्यस्त समय) में यहां वाहनों का भारी दबाव रहता है, जिससे लंबा जाम लग जाता है।
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यात्रियों को राहत: इस जाम का सीधा असर गौर सिटी व आसपास की सोसाइटियों के निवासियों के अलावा सूरजपुर और गाजियाबाद की ओर आने-जाने वाले रोजाना के यात्रियों पर पड़ता है।
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सुगम आवागमन: अंडरपास के शुरू हो जाने से इस रूट पर यातायात का संचालन पहले की तुलना में काफी व्यवस्थित हो जाएगा। इसका सबसे बड़ा लाभ नौकरीपेशा लोगों, स्कूल बस चालकों और स्थानीय निवासियों को मिलेगा। फिलहाल स्थानीय नागरिकों को इसके आधिकारिक उद्घाटन और यातायात के लिए हरी झंडी मिलने का इंतजार है।