ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो: PIB से मिली हरी झंडी, 1.5 महीने में कैबिनेट से मंजूरी और जनवरी में काम शुरू होने की उम्मीद

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो रूट को PIB से सहमति मिल गई है। 900 करोड़ रुपये की लागत से 7.5 किमी लंबे रूट पर 5 स्टेशन बनेंगे। जानें कब शुरू होगा काम और क्या है पूरा प्रोजेक्ट प्लान।

नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (एनएमआरसी) के अधिकारियों ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो रूट के बारे में बुधवार को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (पीआईबी) के समक्ष प्रस्तुतिकरण दिया। एनएमआरसी का दावा है कि पीआईबी ने रूट के लिए अपनी मंजूरी दे दी। अब मंत्रालय से मंजूरी के बाद यह प्रस्ताव कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। ऐसे में डेढ़ महीने में इस रूट को केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

एनएमआरसी के प्रबंध निदेशक कृष्णा करुणेश ने बुधवार दोपहर करीब ढाई से चार बजे तक पीआईबी के समक्ष ग्रेनो वेस्ट मेट्रो रूट को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया। प्रस्तुतिकरण में मेट्रो की जरूरत, बजट समेत अन्य बिंदुओं पर बातें रखीं। बैठक में पीआईबी के अधिकारियों की ओर से अलग-अलग बिंदुओं को लेकर सवाल किए गए, जिनका प्रबंध निदेशक ने जवाब दिया। करीब डेढ़ घंटे तक चले प्रस्तुतिकरण में प्रबंध निदेशक ने मेट्रो रूट को लेकर हर जानकारी दी। अब इस प्रस्ताव से संबंधित फाइल विभागों से मंजूर होते हुए पीएमओ और कैबिनेट तक जाएगी।

एनएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि अगले डेढ़ महीने में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट से इस रूट को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। एनएमआरसी के कार्यकारी निदेशक क्रांति शेखर ने दावा किया कि बुधवार को मेट्रो रूट को लेकर हुए प्रस्तुतिकरण पर पीआईबी ने सहमति जता दी है। हालांकि, उनकी तरफ से अभी कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। कुछ दिनों में प्रस्तुतिकरण के मिनट्स जारी हो जाएंगे। इसके बाद कैबिनेट से मंजूरी मिल जाएगी। कार्यकारी निदेशक ने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही नोएडा से ग्रेनो वेस्ट मेट्रो के लिए टेंडर जारी कर दिया जाएगा। कोशिश है कि अगले साल जनवरी-फरवरी में इस रूट पर काम शुरू करा दिया जाए।

पहले नॉलेज पार्क-5 तक जानी थी मेट्रो

नोएडा से ग्रेनो वेस्ट के सेक्टर-4 तक जो मेट्रो अभी चलेगी, पहले वह ग्रेनो के नॉलेज पार्क-5 तक मेट्रो चलाई जानी थी। इस पूरे रूट पर 11 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित थे। इन स्टेशन में नोएडा क्षेत्र के सेक्टर-51, 61, 70, 122, 123 के अलावा ग्रेनो के सेक्टर-4, इकोटेक 12, सेक्टर-2, सेक्टर-3, सेक्टर-10, सेक्टर-12 और नॉलेज पार्क-5 मेट्रो स्टेशन बनाए जाने प्रस्तावित थे। इस रूट पर मेट्रो चलाने में 2991 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत आनी थी। इस बीच गाजियाबाद से ग्रेनो वेस्ट होते हए जेवर तक आरआरटीएस चलाए जाने का प्रस्ताव आने पर यह योजना खटाई में पड़ गई। नए सिरे से इसकी डीपीआर तैयार कर सिर्फ सेक्टर-4 तक मेट्रो चलाए जाने का निर्णय लिया गया।

आपत्ति के बाद रूट बदला

ग्रेनो वेस्ट मेट्रो परियोजना 10-11 साल पुरानी है। पहले यह मेट्रो सेक्टर-51 से सीधे सेक्टर-70 होते हुए ग्रेनो वेस्ट से नॉलेज पार्क-5 तक चलाई जानी थी। इस रूट को यूपी कैबिनेट से वर्ष 2019 में मंजूरी मिलने के बाद केंद्र स्तर पर पीआईबी से भी मंजूरी हो गई थी, लेकिन इसके बाद यहां पर ब्लू लाइन के सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन से सीधे कनेक्विटी नहीं होने पर केंद्र सरकार की आपत्ति के बाद रूट बदलना पड़ा। जिस लाइन को बुधवार को पीआईबी से मंजूरी मिलने की बात कही जा रही है, यह लाइन जेवर तक जाने वाली आरआरटीएस को ग्रेनो वेस्ट के सेक्टर-4 में जोड़ेगी।

900 करोड़ रुपए खर्च होंगे

अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 (किसान चौक) तक मेट्रो चलाई जानी प्रस्तावित है। इस रूट पर करीब 900 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। करीब 7.5 किलोमीटर के इस रूट पर पांच मेट्रो स्टेशन सेक्टर-61, 70,122, 123 और ग्रेटर नोएडा सेक्टर-4 (किसान चौक के पास) बनने प्रस्तावित हैं।

उधर सेक्टर-142 से बॉटनिकल गार्डन और ग्रेटर नोएडा डिपो से बोड़ाकी तक भी मेट्रो चलाई जानी है। इन दोनों रूट के टेंडर एनएमआरसी जारी कर चुका है। जिन कंपनियों ने आवेदन किया है, अब उनकी फाइनेनशियल बिड खोली जाएगी।

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