चंडीगढ़: हरियाणा में 31 जुलाई को जारी होगी ड्राफ्ट मतदाता सूची

हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत 31 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होगी। 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी।

चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने शनिवार को प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि “एसआईआर प्रक्रिया के पहले चरण का कार्य एक सौ प्रतिशत पूरा हो गया है. अब 31 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी, जिसे वेबसाइट के माध्यम से हर जगह प्रकाशित किया जाएगा.” उन्होंने यह सभी बातें चंडीगढ़ के सेक्टर-17 स्थित हरियाणा सचिवालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही. इस दौरान उनके साथ एडिशनल सीईओ रितु और अपूर्व व ज्वाइंट सीईओ राज कुमार लोहान मौजूद रहे.

33 लाख 84 हजार 568 मतदाताओं के नाम दर्ज नहीं: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ए. श्रीनिवास ने कहा कि “20629 बीएलओ द्वारा 2 करोड़ 6 लाख 55 हजार से अधिक मतदाताओं को फॉर्म वितरित किए गए. इनमें से 1 करोड़ 72 लाख 71 हजार 361 मतदाताओं के फॉर्म डिजिटाइज किए गए हैं. जबकि 33 लाख 84 हजार 568 मतदाताओं के नाम दर्ज नहीं हो सके. इनमें से 13,75,278 जो स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके हैं और 7,66,205 मतदाताओं के दिवंगत होने का पता लगा है. वहीं 2,04,916 पहले से दर्ज मतदाता हैं, जबकि 9,36,646 मतदाता अनुपस्थित पाए गए और 1,01,523 ऐसे मतदाता हैं, जिन्होंने किसी अन्य कारण से गणना प्रपत्र वापिस जमा नहीं किए हैं.”

31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराएं: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि “अब 31 जुलाई से 30 अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी. यदि किसी मतदाता का नाम 31 जुलाई को प्रकाशित होने वाली सूची में नहीं है तो वह फार्म 6 भरकर अपना नाम पुनः दर्ज करवा सकते हैं. इसके बाद अंतिम सूची में उनका नाम शामिल कर लिया जाएगा.” उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई के नहीं कटेगा. ईआरओ के निर्णय पर मतदाता 15 दिन के अंदर जिला स्तर पर अपील कर सकता है. यदि फिर भी समस्या आती है तो 30 दिन के अंदर मुख्य निर्वाचन अधिकारी को अपील की जा सकती है. इसके बाद 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी. दावे और आपत्तियों के साथ-साथ 28 सितंबर तक नोटिस फेज व आपत्तियों के समाधान का कार्य भी चलेगा. नोटिस फेज में बीएलओ की तरफ से ऐसे मतदाताओं को नोटिस दिया जाएगा, जिनका पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण की मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाया है या फिर मिलान में किसी प्रकार की विसंगतियां पाई गई हैं.”

वोटर बनने, नाम हटवाने और बदलाव के लिए फॉर्म: फॉर्म 6 के माध्यम से पात्र व्यक्ति खुद का नाम मतदाता सूची में जोड़ सकते हैं. वहीं, 01 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं को वोटर बनने के लिए फार्म 6 भरने की सुविधा दी गई है. जिन लोगों के नाम मतदाता सूची में छूट गए हैं या जो किन्हीं वजहों से गणना प्रपत्र नहीं भर सके थे, वह भी फार्म 6 भर सकते हैं. फॉर्म 7 के तहत मतदाता अपना नाम हटवाने के लिए भर सकते हैं, जिनका नाम पहले से ही मतदाता सूची में है. फॉर्म 8 की मदद से मतदाता अपने मतदाता कार्ड में कुछ बदलाव करने या कोई गलती है तो उसे सुधारने के लिए भर सकते हैं. यह सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी.

प्रत्येक जिला से ली जाएगी रिपोर्ट: एसआईआर प्रक्रिया के सफल संचालन के लिए राज्य के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी , जिला निर्वाचन अधिकारी मुख्य रूप से कार्य कर रहे हैं. अगले फेज के लिए सहायक ईआरओ भी कार्य से जुड़ेंगे. जबकि मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा हर जिले की रिपोर्ट ली जा रही है. वहीं विभिन्न राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 37055 बूथ स्तरीय एजेंट भी इस प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं. इसमें 19051 भाजपा, 15818 कांग्रेस, 1476 इनेलो, 54 आम आदमी पार्टी, 314 कम्युनिस्ट पार्टी और 342 जननायक जनता पार्टी द्वारा नियुक्त बीएलए-टू हैं.

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