जेवर एयरपोर्ट के पास बसेंगे नए सेक्टर; सेक्टर 7 और 8 में बनेगा लॉजिस्टिक हब

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास सेक्टर 7 और 8 के लिए जमीन खरीद शुरू। YEIDA यहाँ बनाएगा लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग हब। जानें यीडा की नई विकास योजना और निवेश के अवसर।

उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास अब नए सेक्टर विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण द्वारा सेक्टर-7 और 8 के लिए किसानों से सीधे भूमि खरीद शुरू कर दी गई है। सेक्टर-8 में लॉजिस्टिक से जुड़ी गतिविधियां होगी।

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के अधिकारी ने बताया कि शहर में 46 नए सेक्टर विकसित हो रहे हैं। इनके लिए जमीन खरीद लगातार जारी है। एयरपोर्ट के आसपास के सेक्टरों को प्राथमिकता पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए सेक्टर-7 और 8 के लिए भूमि की खरीद लगभग आधी से अधिक हो चुकी है।

लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग का बनेगा हब

प्राधिकरण ने उड़ान शुरू होने से पहले किसानों की सहमति से पूरी जमीन खरीदने का खाका तैयार किया है। दोनों सेक्टरों के लिए शुक्रवार को मुढ़रह गांव के किसानों से जमीन को खरीदने के लिए सूची का प्रकाशन किया गया। प्राधिकरण ने यहां लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग गतिविधियों के विकास को योजना तैयार की है। बताया गया कि एयरपोर्ट से कार्गो उड़ानें भी शुरू होगी। हालांकि, एयरपोर्ट पर कार्गो हब विकसित किया गया है, लेकिन शहर में औद्योगिक विकास पर मुख्य फोकस है। कंपनियों को अपने सामान के लिए परेशान न होना पड़े, इसके लिए पहले से ही लाजिस्टिक हब को विकसित करने की योजना तैयार की गई है। शहर में 30 से ज्यादा कंपनियों में उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि 400 कंपनियों का कार्य जारी है। इन दोनों सेक्टरों के विकसित होने से यहां रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे।

आरके सिंह, सीईओ, यीडा, ”नए सेक्टरों के लिए भूमि खरीदी जा रही है। शासन से इसके लिए 2800 करोड़ मिल चुके हैं। एयरपोर्ट के आसपास के सेक्टरों को विकसित करना प्राथमिकता में है।”

हेराफेरी मामले में जवाब देगा यीडा

वहीं, यमुना विकास प्राधिकरण हजारों खरीदारों के साथ हेराफेरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में तय समय पर अपना जवाब दाखिल करेगा। जेपी समूह के 25 हजार से अधिक खरीदारों से 14 हजार करोड़ रुपये में भी हेराफेरी की बात सामने आई है। यीडा के अकेले स्पोर्ट्स सिटी परियोजना में ही साढ़े चार हजार से अधिक खरीदार फंसे हैं। इन खरीदारों को कब्जा नहीं मिल पा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में जेपी समूह की परियोजनाओं में खरीदारों के साथ करोड़ों की हेराफेरी मामले में जवाब तलब किया है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि बिल्डर कथित तौर पर घर खरीदारों के धन का दुरुपयोग करते हैं। जमीन और विकास अधिकार संबंधित संस्थाओं को हस्तांतरित करते हैं। परियोजना को दिवालियापन की ओर धकेलते हैं। इससे खरीदार फंस जाते हैं।

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