ट्रंप के शांति समझौते पर नेतन्याहू ने उठाए सवाल, कहा- इजराइल अपनी सुरक्षा से नहीं करेगा समझौता
इजराइली पीएम नेतन्याहू ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के गाजा शांति समझौते के ड्राफ्ट को खारिज किया। वहीं गाजा में मलबे से 112 और शव बरामद हुए हैं।
गाजा क्षेत्र में शांति बहाली की कोशिशें जारी हैं. अमेरिका भी शांति समझौता कराने में जुटा हुआ है. इस बीच इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल गाजा में अपनी मौजूदा जगहों से तब तक पीछे नहीं हटेगा जब तक हमास पूरी तरह से हथियार नहीं छोड़ देता. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से घोषित हालिया शांति समझौते पर भी सवाल उठाए.
नेतन्याहू की ओर से कल मंगलवार को दिए बयानों ने हमास के हथियार छोड़ने के समझौते पर और संदेह पैदा कर दिया है, जिसे क्षेत्र में जंग खत्म करने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा जा रहा था. साथ ही इसे नेतन्याहू का ट्रंप प्रशासन के साथ मतभेद का एक दुर्लभ सार्वजनिक उदाहरण भी माना जा रहा है.
इजराइल चुनाव में नेतन्याहू की बड़ी चुनौती
इस समझौते में हमास से हथियार रखने की प्रक्रिया शुरू करने और इजराइल से हमले रोकने और गाजा के उस करीब 60% हिस्से से पीछे हटने की बात कही गई थी जिस पर अभी उसका कब्जा बना हुआ है. यह अक्टूबर के युद्धविराम समझौते पर आधारित था, जिसने बड़े सैन्य अभियानों को खत्म किया और गाजा पट्टी में बंधक बनाए गए अन्य शेष लोगों की रिहाई सुनिश्चित की, हालांकि अन्य मोर्चों पर यह प्रक्रिया रुक गई.
इजराइल में 2 महीने बाद अक्टूबर में चुनाव होने हैं और नेतन्याहू को फिर से जीत हासिल करने के लिए कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. पीएम ने अपनी बात दोहराई कि हथियार छोड़ने की प्रक्रिया सबसे पहले होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि इजराइली सेनाएं “अपनी, अपने क्षेत्र और अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जो भी जरूरी होगा, वह करती रहेंगी.”
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में पीएम नेतन्याहू ने कहा, “ट्रंप प्रशासन ने हमें एक ड्राफ्ट भेजा है. लेकिन हम इससे सहमत नहीं हैं. यह हमारा ड्राफ्ट नहीं है. हमने अपनी टिप्पणियां भेज दी है और यही हमारा रुख है.”
दर्जनों लोगों का सामूहिक अंतिम संस्कार
इससे पहले कल मंगलवार को, करीब 3 साल पहले 2023 में गाजा में हुए एक घातक इजराइली हमले में मारे गए 100 से अधिक लोगों के सामूहिक अंतिम संस्कार के लिए बड़ी संख्या में फिलिस्तीनी लोग इकट्ठा हुए. हमास के साथ जंग शुरू होने के कुछ हफ्ते बाद, 22 नवंबर 2023 को गाजा सिटी के सबरा इलाके में इजराइली लड़ाकू विमानों ने ताबड़तोड़ हमले कर एक रिहायशी इलाके को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जिसमें 300 से अधिक लोग मारे गए थे.
हमले के तुरंत बाद साधारण औजारों और हाथों के जरिए शवों की तलाश की गई जिसमें करीब 40 शव बरामद किए गए, लेकिन ज्यादातर शव मलबे के नीचे दबे रह गए थे. हमास युद्ध के सबसे घातक हमलों में से एक में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की खबर, पहले युद्धविराम से ठीक पहले मची अफरा-तफरी की वजह से जनता तक पहुंचने में कई दिन लग गए.
खुदाई में मिले 40 बच्चों समेत 112 लोगों के शव
हमास द्वारा संचालित आंतरिक मंत्रालय के तहत काम करने वाली रेस्क्यू एजेंसी ‘सिविल डिफेंस’ के अनुसार, वीकंड में बचावकर्मियों ने नष्ट हो चुकी इमारतों की खुदाई की और 112 पीड़ितों के अवशेष बरामद किए, जिनमें 40 बच्चे भी शामिल थे. एजेंसी का कहना है कि अभी भी 157 शव नहीं मिले हैं.
अंतिम संस्कार की प्रार्थना के बाद, एक शख्स ने समाचार एजेंसी ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया, “मारे गए इन लोगों का बस यही अपराध था कि वे अपने घरों में बने रहे और हिम्मत बनाए रखी, यह सोचकर कि उनके घर उनकी रक्षा करेंगे.” “जो लोग अभी भी लापता हैं, उनके बारे में ऐसा लगता है “मानो उनके शरीर बिना किसी निशान के गायब हो गए हों.”
जंग शुरू होने के शुरुआती महीनों में मारे गए लोगों के शव अब धीरे-धीरे मिल रहे हैं, क्योंकि कमजोर युद्धविराम की वजह से तबाह हो चुके गाजा के कुछ हिस्सों में ऐसी कोशिशें आगे बढ़ पा रही हैं. इन शवों के मिलने से युद्ध में मरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई है.
अब तक 73 हजार से अधिक लोग मारे गए
7 अक्टूबर, 2023 को दक्षिणी इजराइल पर हमास की ओर से किए गए हमले में करीब 1,200 लोग मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बना लिया गया था. इसके बाद इजराइल की ओर से किए जवाबी कार्रवाई की गई और हजारों की संख्या में लोग मारे गए. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इज़राइल की जवाबी कार्रवाई में अब तक 73,377 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जिसमें युद्धविराम के बाद की मौतें भी शामिल हैं.
मंत्रालय के रिकॉर्ड विभाग के प्रमुख जाहिर अल-वहीदी ने समाचार एजेंसी AP को बताया कि वहां रह रहे रिश्तेदारों के अनुसार, कम से कम 7,400 से अधिक लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं. अल-वहीदी ने कहा कि जबकि असली संख्या इससे कहीं ज्यादा भी हो सकती है क्योंकि कुछ मामलों में एक ही बमबारी में पूरा का पूरा परिवार ही खत्म हो गया, ऐसे में लापता लोगों की जानकारी देने वाला कोई बचा ही नहीं.
अब मंगलवार को जिन लोगों के लिए शोक मनाया गया, वे हसायना और अबू शरिया कबीले के रिहायशी इलाके के रहने वाले लोग थे. इनमें से कई तो आपस में रिश्तेदार भी थे. समाचार एजेंसी AP को पूरे गाजा में कम से कम ऐसे 60 परिवारों की पहचान मिली है, जिन्होंने युद्ध के शुरुआती 3 महीनों में अपने परिवार के 25 या उससे अधिक सदस्यों को खो दिया.
युद्धविराम लागू होने के बाद भी 1252 लोग मरे
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि युद्धविराम लागू होने के बाद से वहां कम से कम 1,252 लोग मारे जा चुके हैं. पिछले साल अक्टूबर में हुए अमेरिका-समर्थित युद्धविराम समझौते में हमास के हथियार रखने और इजराइल के गाजा से पीछे हटने की बात कही गई थी. साथ ही इसके तहत एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की एक फोर्स तैनात किया जाना था और एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी प्रशासन को शासन और पुनर्निर्माण की देखरेख करनी थी.
हालांकि युद्धविराम पर बार-बार संकट के बादल गहरा जाते हैं क्योंकि इजराइल का कहना है कि सब कुछ इस बात पर निर्भर करता है कि हमास अपने हथियार कब और कैसे छोड़ता है, जबकि हमास का कहना है कि इजराइल को पहले हमले बंद करने चाहिए और उस इलाके से पीछे हटना शुरू करना चाहिए. दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हैं.