ढिगावामंडी: बस शेल्टर के अभाव में खुले आसमान के नीचे खड़े होते हैं यात्री

लोहारू-भिवानी हाईवे पर बसे ढिगावामंडी कस्बे में आज तक स्थायी बस क्यू शेल्टर नहीं बन पाया है। धूप-बारिश में खुले आसमान के नीचे बस का इंतजार करते हैं लोग।

ढिगावामंडी। धूप, बारिश और इंतजार… बस पड़ाव की यही पहचान बनकर रह गई है। लोहारू-भिवानी एक्सटेंशन हाईवे-709ई के दोनों ओर बसे करीब दस हजार की आबादी वाले ढिगावामंडी कस्बे में आज तक स्थायी बस क्यू शेल्टर नहीं बन पाया है।

दर्जनों गांवों के लोगों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के लिए प्रमुख बस पड़ाव होने के बावजूद यात्रियों को बसों का इंतजार खुले आसमान के नीचे करना पड़ता है। गर्मी, सर्दी और बारिश हर मौसम में उन्हें परेशानी झेलनी पड़ती है।

ढिगावामंडी कस्बा आसपास के छोटे-बड़े गांवों के लिए प्रमुख बस स्टैंड का कार्य करता है। जिन गांवों में हरियाणा रोडवेज की बसों का नियमित ठहराव अथवा स्थायी बस स्टैंड की सुविधा नहीं है वहां के लोग बस पकड़ने के लिए ढिगावामंडी पहुंचते हैं। इसके साथ ही कस्बा क्षेत्र का प्रमुख शैक्षणिक केंद्र भी है। यहां करीब एक दर्जन सरकारी और निजी वरिष्ठ एवं उच्च वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हैं।

इसके अलावा अनेक छोटे-बड़े निजी स्कूल, कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी भी संचालित हैं। हाल ही में पहले पीएमश्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय परिसर में संचालित कन्या विद्यालय को भी अपना नया भवन मिल गया है। इन तथ्यों से स्पष्ट है कि ढिगावामंडी आसपास के गांवों और विद्यार्थियों के लिए कितना महत्वपूर्ण केंद्र है।

स्थायी बस क्यू शेल्टर नहीं होने के कारण यात्रियों को मुख्य सड़क पर खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। धूप, बारिश और कड़ाके की ठंड में उन्हें मौसम की मार झेलनी पड़ती है। इनमें सबसे अधिक संख्या उन विद्यार्थियों की होती है जो प्रतिदिन पढ़ाई के लिए ढिगावामंडी आते-जाते हैं।

कस्बा आसपास के करीब दर्जनभर से अधिक गांवों को मुख्य हाईवे से जोड़ता है। लोहारू और भिवानी के बीच चलने वाली बसों का भी यहां ठहराव होता है। यात्रा करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को यहां बस का इंतजार करना पड़ता है। इसलिए यहां बस क्यू शेल्टर बनना जरूरी है ताकि धूप, बारिश और आंधी जैसे मौसम से यात्रियों का बचाव हो सके।

ढिगावामंडी आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के गांवों के लिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र है। हर रोज सैकड़ों विद्यार्थी ढिगावामंडी, लोहारू और भिवानी के कॉलेजों में पढ़ने के लिए यहां से बस पकड़ते हैं लेकिन यहां पर बस क्यू शेल्टर नहीं है। इसके चलते विद्यार्थियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। सरकार को यहां बस क्यू शेल्टर का निर्माण कराना चाहिए।

जब भी लोहारू या भिवानी की ओर जाना होता है तो सड़क पर खड़े होकर बस का इंतजार करना मजबूरी बन जाता है। हर मौसम में परेशानी का सामना करना पड़ता है। दुकानों के आगे बैठने से उनकी दुकानदारी भी प्रभावित होती है। यहां बस क्यू शेल्टर की बहुत आवश्यकता है।

आज छोटे-छोटे गांवों में भी बस क्यू शेल्टर बने हुए हैं लेकिन हमारे कस्बे को आज तक यह सुविधा नहीं मिल पाई। यह समझ से परे है। यात्रियों और स्कूली बच्चों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ती है। ऐसे जनहित के कार्यों में बिना देरी किए यह सुविधा उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
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