‘ताऊ’ देवीलाल जैसी जननिकटता! जानिए मुख्यमंत्री नायब सैनी की सादगी की कहानी

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की सहजता और सादगी जनता को भा रही है। जानिए कैसे किसान परिवार से निकले सीएम सैनी ने बनाई अपनी अलग पहचान।

चंडीगढ़ : राजनीति में सत्ता, पद और लोकप्रियता अक्सर नेताओं के व्यक्तित्व में बदलाव ले आती है। ऊंचे पद पर पहुंचने के बाद आम लोगों से दूरी बनाना, सुरक्षा घेरे और प्रोटोकॉल के बीच सीमित हो जाना आज की राजनीति का सामान्य दृश्य बन चुका है। लेकिन इसी दौर में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी कार्यशैली और व्यवहार से यह साबित किया है कि बड़ा पद मिलने के बाद भी व्यक्ति यदि अपनी जड़ों से जुड़ा रहे तो जनता का विश्वास और स्नेह कई गुना बढ़ जाता है।

मुख्यमंत्री बनने के बाद भी नायब सैनी के व्यक्तित्व में वही सहजता, सादगी और अपनापन दिखाई देता है, जिसने उन्हें राजनीति के शुरुआती दिनों में पहचान दिलाई थी। यही कारण है कि आज प्रदेश के गांवों से लेकर शहरों तक लोग उन्हें केवल मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि अपने बीच के नेता के रूप में देखते हैं।

 

छोटे किसान परिवार से मुख्यमंत्री तक का सफर
नायब सिंह सैनी का राजनीतिक सफर किसी राजनीतिक विरासत का परिणाम नहीं है। एक साधारण किसान परिवार से निकलकर उन्होंने संगठन में लंबे समय तक काम किया, जनता के बीच अपनी पहचान बनाई और फिर विधायक, सांसद तथा प्रदेश अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण दायित्व निभाने के बाद मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे। उनकी यह यात्रा उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के मेहनत और समर्पण के बल पर आगे बढ़ने का सपना देखते हैं। शायद यही कारण है कि सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने के बाद भी उनमें किसी प्रकार का अहंकार या पद का दंभ दिखाई नहीं देता।

सादगी बनी सबसे बड़ी ताकत
राजनीति में अक्सर यह कहा जाता है कि सत्ता इंसान को बदल देती है, लेकिन नायब सैनी के बारे में उनके सहयोगी, कार्यकर्ता और आम लोग कहते हैं कि मुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनका व्यवहार पहले जैसा ही है। वे किसी भी व्यक्ति से मिलते समय औपचारिकता से अधिक आत्मीयता पर जोर देते हैं। कार्यक्रमों में पहुंचने पर कार्यकर्ताओं का हालचाल पूछना, बुजुर्गों का सम्मान करना, बच्चों से सहजता से मिलना और आम नागरिकों की बात धैर्यपूर्वक सुनना उनकी कार्यशैली का हिस्सा बन चुका है। इसी स्वभाव ने उन्हें भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम जनता के बीच भी बेहद लोकप्रिय बना दिया है।

 

केंद्रीय नेतृत्व का भी मिला भरोसा
नायब सैनी की कार्यशैली और संगठन क्षमता का प्रभाव केवल हरियाणा तक सीमित नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी कई अवसरों पर उनके कार्यों और संगठनात्मक क्षमता की सराहना कर चुके हैं। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व का उन पर भरोसा लगातार मजबूत हुआ है। यही वजह है कि उन्हें हरियाणा के अलावा अन्य राज्यों के चुनाव प्रचार की जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं, जहां उन्होंने पार्टी के लिए प्रभावी भूमिका निभाई। साथ ही, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ उनका विशेष तालमेल भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय रहा है। नायब सैनी आज भी उन्हें अपना मार्गदर्शक मानते हैं और समय-समय पर उनके अनुभवों का लाभ लेते हैं।

 

जनता से मिलने का कोई अवसर नहीं छोड़ते
मुख्यमंत्री बनने के बाद भी नायब सैनी ने जनता से सीधे संवाद की परंपरा को बनाए रखा है। चाहे मुख्यमंत्री आवास हो, जनसंवाद कार्यक्रम हों, प्रशासनिक बैठकें हों या सामाजिक आयोजन—वे लोगों से मिलने के लिए हमेशा समय निकालते हैं। कई बार ऐसा भी देखने को मिला है कि उनका काफिला सड़क से गुजर रहा हो और रास्ते में ग्रामीण या आम नागरिक दिखाई दे जाएं तो वे बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के रुककर उनसे बातचीत कर लेते हैं। उनकी यही सहजता लोगों को सबसे अधिक प्रभावित करती है।

 

जब अलाव के पास बैठकर जीत लिया दिल
कुछ समय पहले सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो काफी चर्चा में रहा। वीडियो में मुख्यमंत्री नायब सैनी अचानक सड़क किनारे बैठे ग्रामीणों के बीच पहुंच जाते हैं और उनके साथ अलाव तापने लगते हैं। इस दौरान एक बुजुर्ग उनसे कहते हैं, “सीएम साहब, आप तो बिल्कुल चौधरी देवीलाल की तरह हर जगह रुक जाते हो। वे भी इसी तरह लोगों से मिलते थे।” यह टिप्पणी केवल एक व्यक्ति की भावना नहीं थी, बल्कि उन हजारों लोगों की सोच का प्रतीक बन गई जो नायब सैनी में पुराने दौर की जनसंपर्क वाली राजनीति की झलक देखने लगे हैं।

 

देवीलाल के बाद फिर दिखी वैसी जननिकटता
हरियाणा की राजनीति में चौधरी देवीलाल को जननेता के रूप में याद किया जाता है। कहा जाता है कि वे बिना किसी औपचारिकता के लोगों के बीच पहुंच जाते थे और आमजन से सीधे संवाद करते थे। आज राजनीतिक विश्लेषक यह मानते हैं कि लंबे समय बाद हरियाणा में किसी मुख्यमंत्री की छवि ऐसी बनी है, जो जनता के बीच सहज रूप से पहुंचने में विश्वास रखता है। मुख्यमंत्री आवास पर प्रतिदिन प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले लोगों से मुलाकात करना, उनकी समस्याएं सुनना और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश देना उनकी दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। यही कारण है कि लोग उनमें ताऊ देवीलाल की जनसंपर्क शैली की झलक महसूस करने लगे हैं।

 

राजनीतिक विरोधी भी कर रहे स्वीकार
राजनीति में लोकप्रियता का सबसे बड़ा प्रमाण तब माना जाता है, जब विरोधी भी किसी नेता की कार्यशैली की चर्चा करने लगें। नायब सैनी के बारे में राजनीतिक गलियारों में यह स्वीकार किया जा रहा है कि उन्होंने बेहद कम समय में अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई है। उनकी विनम्रता, संगठन क्षमता और जनता से निरंतर संपर्क उन्हें अन्य नेताओं से अलग खड़ा करता है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि उन्होंने इसी शैली को बनाए रखा तो आने वाले वर्षों में वे भाजपा के प्रमुख जननेताओं में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर सकते हैं।

 

चुनावी राजनीति में भी साबित हुई प्रभावशीलता
मुख्यमंत्री बनने से पहले और बाद में नायब सैनी ने जिन राज्यों में भाजपा के लिए चुनाव प्रचार किया, वहां पार्टी को उल्लेखनीय सफलता मिली। दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार और अन्य राज्यों के चुनावों में उन्हें संगठन की ओर से महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं। हरियाणा में उनके नेतृत्व में भाजपा ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर नया राजनीतिक इतिहास रचा। प्रदेश के गठन के बाद पहली बार किसी दल ने सत्ता की ऐसी हैट्रिक लगाई, जिसने भाजपा नेतृत्व का उन पर विश्वास और मजबूत किया। इसी विश्वास के चलते पार्टी ने उन्हें पंजाब की जिम्मेदारी भी सौंपी, जहां वे संगठन को मजबूत करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

 

राजनीति में नई कार्यशैली का उदाहरण
आज जब राजनीति पर अक्सर वीआईपी संस्कृति और जनता से दूरी बनाने के आरोप लगते हैं, ऐसे समय में नायब सैनी की कार्यशैली अलग संदेश देती है। वे प्रशासनिक बैठकों में विकास योजनाओं पर गंभीरता से काम करते हैं, वहीं दूसरी ओर गांवों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों से लगातार संवाद बनाए रखते हैं। उनका मानना है कि लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद ही सुशासन की सबसे मजबूत नींव होता है।

 

जनता के दिलों में बन रही स्थायी जगह
राजनीति में पद समय के साथ बदलते रहते हैं, लेकिन जनता के दिलों में जगह बनाने वाले नेता कम ही होते हैं। नायब सिंह सैनी की पहचान आज केवल मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि सहज, सरल और मिलनसार जननेता के रूप में बनती दिखाई दे रही है। उनकी सबसे बड़ी ताकत यही मानी जा रही है कि उन्होंने सफलता को अपने सिर पर नहीं चढ़ने दिया। सादगी, विनम्रता और जनसंपर्क की राजनीति ने उन्हें हरियाणा की वर्तमान राजनीति में एक अलग स्थान दिलाया है। यदि यही शैली और जनसरोकार आगे भी कायम रहते हैं, तो नायब सैनी का नाम हरियाणा की राजनीति में उन नेताओं की श्रेणी में शामिल हो सकता है, जिन्हें जनता केवल उनके पद से नहीं, बल्कि उनके व्यवहार और व्यक्तित्व से याद रखती है।

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