दिल्ली की 5 प्रमुख सड़कें बनेंगी ‘मॉडल कॉरिडोर’, धूल-मुक्त और ग्रीन रास्तों में बदलेंगे ये रूट
दिल्ली के अरुणा आसफ अली मार्ग पर जाम से मुक्ति के लिए एलिवेटेड रोड का निर्माण होगा। पीडब्ल्यूडी (PWD) ने 1.97 करोड़ रुपये की फिजिबिलिटी स्टडी मंजूर की। इसके साथ ही दिल्ली की 5 प्रमुख सड़कें मॉडल कॉरिडोर में बदलेंगी।
दिल्ली के अरुणा आसफ अली मार्ग पर जाम की समस्या को दूर करने के लिए एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने इसका व्यवहार्यता अध्ययन (फिजिबिलिटी स्टडी) कराने के लिए 1.97 करोड़ रुपये की राशि मंजूर कर दी है। फंड मिलने के बाद जल्द ही इस दिशा में काम शुरू होने की उम्मीद है।
अरुणा आसफ अली मार्ग करीब 4 किलोमीटर लंबा है। यह महरौली-महिपालपुर मार्ग को वसंत कुंज, किशनगढ़, कुतुब इंस्टीट्यूशनल एरिया होते हुए हाउटर रिंग रोड से जोड़ता है। इस मार्ग पर इंटरनेशनल सेंटर फॉर जेनेटिक इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी, इंटर-यूनिवर्सिटी एक्सेलेरेटर सेंटर, भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद समेत कई महत्वपूर्ण संस्थान हैं। इसी रोड से लोग जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय भी जाते हैं। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, जिससे खासकर व्यस्त समय में यहां जाम की स्थिति बनती है।
फिजिबिलिटी स्टडी में इन पहलुओं को किया जाएगा शामिल
इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए पीडब्ल्यूडी ने इस मार्ग पर एलिवेटेड रोड बनाने की योजना बनाई है, ताकि सड़क पर वाहनों का दबाव कम हो और यातायात सुगम बनाया जा सके। फिजिबिलिटी स्टडी में प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के तकनीकी, वित्तीय, यातायात और पर्यावरणीय पहलुओं को शामिल किया जाएगा, ताकि परियोजना की समग्र व्यवहार्यता और उपयोगिता का सही आकलन हो सके।
दिल्ली की 5 सड़कें बनेंगी ‘मॉडल रोड’
गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने राजधानी की पांच सड़कों के पुनर्विकास की योजना बनाई है, जिन्हें धूल-मुक्त, हरित और पैदल यात्रियों के अनुकूल ‘मॉडल कॉरिडोर’ के रूप में विकसित किया जाएगा। भाषा की रिपोर्ट के मुताबिक, उपराज्यपाल टीएस संधू की अध्यक्षता में इसे लेकर मई महीने में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में सड़क निर्माण एवं रखरखाव एजेंसियों तथा जाम कम करने की योजना पर काम कर रहे योजना एवं वास्तुकला विद्यालय (एसपीए) के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
इन 5 सड़कों की संवरेगी सूरत
योजना के तहत जिन सड़कों के पुनर्विकास की पहचान की गई है उनमें मिंटो रोड-आईटीओ-कड़कड़डूमा, मिंटो रोड-अरुणा आसफ अली मार्ग-जवाहरलाल नेहरू मार्ग-दिल्ली गेट तथा नेताजी सुभाष मार्ग-शांति वन-महात्मा गांधी मार्ग (यमुना के किनारे)-आईटीओ-आईपी एस्टेट मेट्रो स्टेशन कॉरिडोर शामिल हैं। ये सभी मार्ग मध्य और उत्तर दिल्ली में स्थित हैं।
सूत्रों ने बताया कि दक्षिण दिल्ली में धौला कुआं से जेल रोड तथा पश्चिम दिल्ली में करिअप्पा मार्ग से तिलक नगर चौराहा और नजफगढ़ रोड पर उत्तम नगर-तिलक नगर से राजौरी गार्डन तक के हिस्से को भी इस परियोजना में शामिल किया गया है। सरकार द्वारा चिन्हित सड़कें राजधानी की सबसे अधिक भीड़भाड़ वाली सड़कों में शामिल हैं और इन पर जल्द ही प्रारंभिक कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
एसपीए से जुड़े सूत्रों ने कहा कि काम पूरा होने के बाद ये परिवहन कॉरिडोर धूल नियंत्रण के मॉडल बनने के साथ-साथ हरित, पैदल यात्रियों के अनुकूल और मनोरंजन सुविधाओं से युक्त ऐसे मार्गों में बदल जाएंगे, जो 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। पुनर्विकास योजना के अनुसार जलभराव रोकने के लिए मजबूत वर्षा जल निकासी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।