नूंह: अपराध को कहा अलविदा, युवाओं ने सार्वजनिक रूप से तोड़े 55 मोबाइल
नूंह के गांव सूखपुरी में युवाओं ने अपराध का रास्ता छोड़ने के लिए 55 मोबाइल फोन तोड़े। पुलिस जागरूकता अभियान के बाद समाज की मुख्यधारा से जुड़े ये युवा। पढ़ें पूरी खबर।
नूंह: जिले के नगीना थाना क्षेत्र के गांव सूखपुरी में सामाजिक सुधार की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली. दरअसल, गांव के कई युवकों ने अपराध की दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कहने का संकल्प लेते हुए सार्वजनिक रूप से 55 मोबाइल फोन तोड़ दिए. इस प्रतीकात्मक कदम के जरिए युवाओं ने अपराध से दूरी बनाकर ईमानदारी और मेहनत के रास्ते पर चलने का संदेश दिया.
जागरूकता अभियान से मिली प्रेरणा: दरअसल, नूंह पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन के निर्देशन में हाल ही में अपराध छोड़ने और कानून का पालन करने को लेकर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया था. इसी अभियान से प्रेरित होकर गांव के युवाओं ने समाज की मुख्यधारा से जुड़ने और कानून के दायरे में रहकर जीवन व्यतीत करने का संकल्प लिया.
पुलिस अधिकारियों ने बढ़ाया उत्साह: कार्यक्रम के दौरान डीएसपी अभिषेक खटकड़ और नगीना थाना प्रभारी सचिन कुमार भी मौजूद रहे. अधिकारियों ने युवाओं के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस केवल अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं करती, बल्कि उन्हें सुधार का अवसर भी प्रदान करती है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सामान्य जीवन अपनाने वाले लोगों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा.
ग्रामीणों का मिला भरपूर सहयोग: गांव के सरपंच और ग्रामीणों ने भी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई. ग्रामीणों ने युवाओं को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक कार्यों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. गांव में इस पहल को लेकर सकारात्मक माहौल देखने को मिला और लोगों ने इसे आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक कदम बताया.
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया: इस बारे में ग्रामीण आमिर ने कहा कि, “हम चाहते हैं कि गांव का हर युवा मेहनत और ईमानदारी से अपनी पहचान बनाए तथा अपराध से दूर रहे.” वहीं, ग्रामीण जुबेर ने कहा, “यह कदम सिर्फ हमारे लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए एक संदेश है कि सही रास्ता हमेशा बेहतर होता है.” इसके अलावा ग्रामीण इस्लाम ने कहा कि, “हमने संकल्प लिया है कि अब कानून का सम्मान करते हुए समाज और परिवार के विकास में योगदान देंगे.” वहीं, गांव के सरपंच ने बताया कि, “इस अभियान को सफल बनाने में पूरे गांव का सहयोग मिला. ग्रामीणों ने युवाओं को अपराध से दूर रहकर शिक्षा, रोजगार और सामाजिक कार्यों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया.”
ग्रामीणों का मानना है कि इस पहल से गांव में शांति, भाईचारा और कानून के प्रति सम्मान की भावना और मजबूत होगी. सामाजिक सुधार की दिशा में उठाया गया यह कदम अन्य क्षेत्रों के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है.