नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घटे 27% यात्री; 2 महीने में 20 हजार से ज्यादा घटे पैसेंजर्स, 72 फीसदी तक खाली उड़ रही हैं सीटें

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से 2 महीने में यात्रियों की संख्या 27% तक घट गई है। 72% सीटें खाली उड़ रही हैं। हालांकि, अक्टूबर में नई उड़ानों से राहत की उम्मीद है।

जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई सफर करने वाले यात्रियों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों का संचालन शुरू होने के महज दो महीनों के भीतर यात्रियों की संख्या में 20,703 की बड़ी कमी देखने को मिली है। आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने की तुलना में सितंबर में हवाई यात्रियों की संख्या करीब 27 फीसदी घट गई है।

गौरतलब है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से घरेलू उड़ानों का कमर्शियल संचालन 15 जून 2026 को शुरू हुआ था। जून और जुलाई में यात्रियों की शुरुआती तेजी के बाद से लगातार यह ग्राफ नीचे गिर रहा है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की रिपोर्ट के मुताबिक:

  • जुलाई 2026: एयरपोर्ट से कुल 76,593 यात्रियों ने उड़ान भरी।

  • अगस्त 2026: यात्रियों की संख्या घटकर 58,520 रह गई (जुलाई से 18,073 यानी 24% की कमी)।

  • सितंबर 2026: गिरावट का यह क्रम जारी रहा और 2,630 यात्री (4.49%) और कम हुए।

  • कुल यात्री आंकड़ा: 15 जून से 30 सितंबर 2026 तक एयरपोर्ट से अब तक कुल 2,11,525 यात्री सफर कर चुके हैं।

💺 72 प्रतिशत तक खाली रहीं विमानों की सीटें: प्रत्येक फ्लाइट में महज 52 से 58 यात्री

सीट ऑक्यूपेंसी (Seat Occupancy) और एयरलाइंस का गणित:

  • सीटें खाली उड़ने का आंकड़ा: सितंबर माह के यात्री आंकड़ों और रोजाना होने वाली 32 से 36 विमानों की आवाजाही (Landing & Take-off) के आधार पर प्रत्येक विमान में 68 से 72 प्रतिशत तक सीटें खाली रह रही हैं।

  • एयरलाइंस और क्षमता: वर्तमान में नोएडा एयरपोर्ट से मुख्य रूप से इंडिगो (IndiGo) और अकासा एयर (Akasa Air) के विमान अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इन विमानों में आमतौर पर 180 से 186 यात्रियों के बैठने की क्षमता होती है।

  • औसत यात्री संख्या: इस भारी गिरावट के चलते वर्तमान में प्रत्येक विमान में औसतन केवल 52 से 58 यात्रियों ने ही सफर किया है।

🛫 अक्टूबर से बढ़ेगी यात्रियों की संख्या! कोलकाता, चंडीगढ़ और उदयपुर के लिए भी शुरू हुईं उड़ानें

आगामी संभावनाएं और नए गंतव्य:

  • नए शहरों से जुड़ाव: अक्टूबर महीने से यात्रियों की संख्या में फिर से इजाफा होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अक्टूबर में जेवर एयरपोर्ट से कोलकाता, चंडीगढ़ और उदयपुर के लिए सीधी उड़ानें शुरू की जा चुकी हैं।

  • नेटवर्क का विस्तार: इन तीन प्रमुख नए शहरों के लिए उड़ानें शुरू होने से आने वाले त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ने की पूरी उम्मीद है। हालांकि, वर्तमान में अब भी जेवर से रोजाना केवल 14 से 15 शहरों के लिए ही उड़ानें संचालित हो पा रही हैं।

⏰ बेंगलुरु और लखनऊ समेत 4 उड़ानों में देरी से यात्री हुए परेशान

उड़ानों के संचालन में आई अड़चनें:

  • लखनऊ फ्लाइट: रविवार दोपहर 3:20 बजे लखनऊ के लिए उड़ान भरने वाली फ्लाइट देरी के कारण शाम 4:17 बजे रवाना हो सकी।

  • बेंगलुरु और धर्मशाला: दोपहर 2:40 बजे बेंगलुरु जाने वाली फ्लाइट 30 मिनट की देरी से रवाना हुई, जबकि धर्मशाला जाने वाली सुबह 9:35 बजे की फ्लाइट ने भी 30 मिनट से अधिक की देरी से उड़ान भरी।

  • बरेली फ्लाइट: बरेली के लिए निर्धारित समय से 20 मिनट की देरी से उड़ान संचालित हो सकी।

🌍 नए साल में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की उम्मीद से चमकेगी नोएडा की पहचान

भविष्य की योजनाएं और अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी: जेवर एयरपोर्ट ने गौतमबुद्ध नगर जिले और पूरे उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर एक नई और मजबूत पहचान दी है। वर्तमान में यहाँ से देश के कई प्रमुख शहरों के लिए घरेलू उड़ानों का सफल संचालन हो रहा है। नागरिक उड्डयन विभाग और एयरपोर्ट अधिकारियों को उम्मीद है कि नए साल में यहाँ से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें (International Flights) भी शुरू कर दी जाएंगी, जिससे यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी।

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