नोएडा जिला अस्पताल में 17 स्वास्थ्यकर्मियों की फर्जी भर्ती मामला, महानिदेशालय से मांगी गई विस्तृत रिपोर्ट

नोएडा जिला अस्पताल में 17 स्वास्थ्यकर्मियों की अवैध भर्ती और वेतन मामले में स्वास्थ्य महानिदेशालय से जांच रिपोर्ट मांगी गई है।

नोएडा: नोएडा जिला अस्पताल में नियमों को पूरी तरह ताक पर रखकर की गई 17 स्वास्थ्यकर्मियों की अवैध भर्ती और उसके बाद लगातार तीन साल तक उनका वेतन जारी रहने के गंभीर मामले में अब उच्चस्तरीय जांच का दायरा काफी बढ़ गया है।

प्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने ‘स्वास्थ्य महानिदेशालय’ को आधिकारिक पत्र भेजकर इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करने और जल्द से जल्द एक स्पष्ट व विस्तृत जांच रिपोर्ट (आख्या) प्रस्तुत करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

🚨 स्टाफ नर्स व लैब टेक्नीशियन भर्ती में घोटाले की आशंका: सीएमओ ने रोका 17 कर्मियों का वेतन

जिला अस्पताल में बिना किसी वैध प्रक्रिया के स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन की स्थानीय स्तर पर अवैध नियुक्तियां की गईं और तीन साल तक सरकारी खजाने से वेतन बांटा जाता रहा:

“इस सनसनीखेज मामले का खुलासा होते ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने तुरंत प्रभाव से सभी 17 फर्जी स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन रोक दिया है। नियमानुसार इन पदों पर स्थानीय स्तर पर भर्ती करने का कोई प्रावधान नहीं था। इसके बावजूद इतनी बड़ी तादाद में भर्तियां की गईं, जिससे इसके पीछे एक बड़े सुनियोजित भर्ती घोटाले की प्रबल संभावना जताई जा रही है।”

इस खबर के सामने आते ही नोएडा स्वास्थ्य विभाग, जिला अस्पताल प्रशासन और लखनऊ स्वास्थ्य महानिदेशालय के गलियारों में हड़कंप मच गया है। चर्चाएं जोरों पर हैं कि यह घोटाला आखिर किसकी शह पर और किन अधिकारियों की मिलीभगत से हुआ।

सीएमओ डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से सीएमएस और स्वास्थ्य महानिदेशालय को पत्र भेजकर मामले में स्थिति स्पष्ट करने और रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।

🏢 वर्ल्ड ट्रेड टावर (WTT) मामले में दिल्ली पुलिस का एक्शन: नोएडा प्राधिकरण से कब्जे में लिए अहम दस्तावेज

दूसरी ओर, नोएडा सेक्टर-16 स्थित ‘वर्ल्ड ट्रेड टावर’ (WTT) से जुड़े एक अन्य गंभीर मामले में दिल्ली पुलिस की ‘एंटी एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल’ ने कार्रवाई तेज कर दी है:

  • प्राधिकरण कार्यालय में छापा: सेल के एसीपी ने सेक्टर-96 स्थित नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचकर वरिष्ठ अधिकारियों से परियोजना से जुड़ी जानकारियां लीं।

  • दस्तावेज कब्जे में लिए: नोएडा प्राधिकरण की ओर से संबंधित भूखंड आवंटन, कंसोर्टियम रिकॉर्ड और लीज डीड सहित उपलब्ध सभी जरूरी दस्तावेज दिल्ली पुलिस की टीम को सौंप दिए गए हैं।

  • आगे की जांच: प्राधिकरण के ओएसडी इंदु शेखर ने पुष्टि की है कि पुलिस टीम को भूखंड और परियोजना से जुड़े सभी आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध करा दिए गए हैं, जिनके आधार पर अब दिल्ली पुलिस आगे की जांच करेगी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.