पंचकूला: मानसून से पहले डेंगू-मलेरिया का खतरा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

पंचकूला में डेंगू-मलेरिया के मरीज मिलने से हड़कंप। CMओ ने दी चेतावनी, घर के आसपास पानी जमा न होने दें। जानें बचाव के उपाय और डॉक्टर की जरूरी सलाह।

पंचकूला: जिला पंचकूला में मानसून से पहले ही डेंगू व मलेरिया फैलने की आशंका बनी हुई है. हाल ही में पंचकूला में डेंगू-मलेरिया के दो मरीज मिलने के चलते जिला अस्पताल प्रबंधन ने भी अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसके साथ ही पंचकूला के आसपास के गांवों समेत कालका, पिंजौर, सूरजपुर और नानकपुर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है. क्योंकि हाल ही में कालका की एक महिला के डेंगू से ग्रस्त होने का पता लगा और पिंजौर की रतपुर कॉलोनी में दो वर्षीय बच्चा मलेरिया से संक्रमित मिला था.

अस्पताल पहुंच रहे संदिग्ध बुखार के मरीज: जिला अस्पताल में इन दिनों रोजाना 10 से 15 मरीज संदिग्ध बुखार के पहुंच रहे हैं, जिस कारण डॉक्टर उनके ब्लड टेस्ट करने समेत फॉलोअप पर भी नजर बनाए हुए हैं. इसके साथ ही मरीजों को घर और बाहर दोनों समय सावधानी रखने के उपाय भी सुझाए जा रहे हैं. इसके अलावा जिला अस्पताल की सीएमओ एवं सिविल सर्जन डॉ. मुक्ता ने जिला वासियों से अत्यधिक सावधानी बनाए रखने की अपील की है.

मानसून में अपना विशेष ध्यान रखें: सीएमओ डॉक्टर मुक्ता ने जिला वासियों से अपील करते हुए कहा कि, “मानसून के सीजन में अपना विशेष ध्यान जरूर रखें. घर के अंदर और बाहर, दोनों जगहों पर कहीं पानी इकट्ठा नहीं होने दें. खड़े पानी में डेंगू के मच्छरों से अधिक खतरा रहता है, जिससे अपना बचाव करना अत्यावश्यक है. यदि पानी पांच दिनों से अधिक खड़ा हो तो उसमें डेंगू का मच्छर पैदा हो जाता है. इस कारण घर के फ्रीज की ट्रे, बोतलों, छतों पर रखे पुराने मटके/बर्तन, टायर, कूलर या घर के आसपास किसी गड्ढे में बरसात के पानी को जमा/खड़ा न होने दें. घर के अंदर और आसपास साफ-सफाई बनाकर रखें.”

खड़े पानी में तेल डालकर करें बचाव: सीएमओ डॉ. मुक्ता ने आगे कहा कि, “यदि किसी जगह पानी खड़ा रखने की मजबूरी भी है तो उसमें काला तेल या घर पर इस्तेमाल होने वाला तेल डाल दें, इससे पानी पर आने वाली परत से डेंगू का मच्छर पैदा नहीं होगा. डेंगू का मच्छर दिन के समय में काटता है, जिस कारण लोगों को पूरे कपड़े पहनना चाहिएं. पूरी बाजू की कमीज, पेंट और पांव में जुराबे पहनी जरूरी हैं, क्योंकि डेंगू का मच्छर छाती की ऊंचाई तक उड़ता है. इस कारण अपने शरीर के अधिकांश हिस्से को जरूर ढकें. साथ ही बच्चों को भी स्कूल में पूरी बाजू की यूनिफॉर्म पहनाकर भेजें.”

प्लेटलेट्स कम नहीं होने दें: डॉ. मुक्ता ने लोगों से कहा कि, ” आप किसी भी झोलाछाप डॉक्टरों के चक्करों में न पड़ें, क्योंकि प्लेटलेट्स कम होने से मरीज शॉक में चला जाता है. मरीज के शोक में जाने पर उसकी स्थिति काफी नाजुक हो जाती है, जिसके चलते बचाना भी मुश्किल हो सकता है. नतीजतन मानसून के सीजन में हर समय सतर्कता के साथ अपना ध्यान रखें और बिना समय गंवाए अपनी स्वास्थ्य जांच जरूर कराएं.”

हल्के रंग के कपड़े पहनें: डॉ. मुक्ता ने आगे कहा कि, “मच्छरों से बचाव के लिए हर किसी को हल्के रंग की पूरी बाजू के कपड़े पहनना चाहिए, क्योंकि गहरे रंग के कपड़े मच्छरों को अधिक आकर्षित करते हैं. इसके अलावा मच्छरों को भगाने वाली क्रीम भी अपनी स्किन पर लगाएं.”

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