पानीपत: 78 साल पुराने स्कूल की जर्जर इमारत में जान जोखिम में डाल रहे बच्चे
पानीपत के सेठी चौक स्थित राजकीय प्राथमिक स्कूल की इमारत जर्जर हालत में। वक्फ बोर्ड की जमीन विवाद के कारण 142 बच्चों की सुरक्षा खतरे में। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
पानीपत: जिले के कई सरकारी स्कूलों की इमारतें जर्जर हालत में पहुंच चुकी हैं. इन भवनों में आज भी छोटे-छोटे बच्चों की कक्षाएं लग रही हैं, जिससे हर दिन उनकी सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है. ऐसा ही एक मामला शहर के सेठी चौक स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का है. वर्ष 1947 से संचालित यह स्कूल आज भी बेहद जर्जर भवन में चल रहा है. हालत यह है कि दो शिफ्टों में पढ़ाई हो रही है और करीब 142 बच्चे इसी खस्ताहाल इमारत में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं.
78 साल पुराना है स्कूल भवनः सबसे बड़ी समस्या यह है कि स्कूल वक्फ बोर्ड की जमीन पर बना हुआ है. इसी कारण पिछले लगभग 78 वर्षों में भवन का न तो नवीनीकरण हो सका और न ही नया भवन बन पाया. स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
वर्ष 1947 से संचालित है यह स्कूल: विद्यालय की अध्यापिका नीलम ने बताया कि “यह स्कूल वर्ष 1947 से संचालित है. वर्तमान में दो शिफ्टों में कुल लगभग 142 बच्चे पढ़ रहे हैं. वक्फ बोर्ड की भूमि पर स्कूल होने के कारण भवन के नवीनीकरण या नए निर्माण का कार्य आज तक नहीं हो पाया है, जबकि भवन काफी जर्जर हो चुका है.
‘जर्जर भवनों की हो रही जांच’: जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने बताया कि “मुख्यमंत्री गुड गवर्नेंस एसोसिएट (CM GGA) द्वारा निरीक्षण किए गए स्कूलों की रिपोर्ट विभाग को भेज दी गई है. जर्जर भवनों को कंडम घोषित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है.” उन्होंने कहा कि “जिले के सभी सरकारी स्कूलों, चाहे प्राथमिक, मिडिल, हाई या वरिष्ठ माध्यमिक का विभाग के जेई और एसडीओ द्वारा निरीक्षण कराया जा रहा है. जहां भी भवन असुरक्षित पाए जा रहे हैं, वहां बच्चों के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं. जिन भवनों में कमियां हैं, उनकी रिपोर्ट विभाग को भेजी जा रही है ताकि उन्हें दोबारा बनाया जा सके. विभाग का प्रयास है कि जिले में कोई भी सरकारी स्कूल जर्जर या असुरक्षित स्थिति में न रहे.
क्या बोले जिला शिक्षा अधिकारीः हालांकि, सेठी चौक स्थित वक्फ बोर्ड की जमीन पर बने स्कूल के संबंध में पूछे जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि “यह मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं आया है, लेकिन विभाग सभी सरकारी स्कूलों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.”
बच्चों की जान खतरे में डालकर पढ़ाईः सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता. सिटी चौक स्थित 78 वर्ष पुराने इस विद्यालय की जर्जर इमारत और वक्फ बोर्ड की भूमि से जुड़ा विवाद वर्षों से नवीनीकरण में बाधा बना हुआ है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन मासूम बच्चों को सुरक्षित भवन कब मिलेगा? जब तक स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक बच्चों की जान खतरे में डालकर पढ़ाई कराना चिंता का विषय बना रहेगा. अब जरूरत है कि शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन और वक्फ बोर्ड मिलकर इस समस्या का शीघ्र समाधान करें, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके.