फीफा वर्ल्ड कप 2026: कुरासाओ टीम के अजीबोगरीब नियम, खिलाड़ी साथ रखेंगे पार्टनर्स
फीफा वर्ल्ड कप में इतिहास रचने वाली सबसे छोटी टीम कुरासाओ के कोच डिक एडवोकेट ने खिलाड़ियों को पार्टनर्स के साथ रहने की छूट दी है। जानें इसके पीछे का बड़ा कारण।
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के मंच पर पहली बार कदम रखने वाली कुरासाओ (Curacao) की फुटबॉल टीम इन दिनों पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है. मैदान पर इक्वाडोर के खिलाफ ऐतिहासिक ड्रॉ खेलकर टूर्नामेंट के इतिहास में अपना नाम दर्ज कराने वाली इस टीम ने अब मैदान के बाहर भी सबको हैरान कर दिया है. जहां वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट्स के दौरान कई कोच खिलाड़ियों के फोन तक बैन कर देते हैं, वहीं कुरासाओ के खेमे में दुनिया का सबसे कूल और रिलैक्स्ड माहौल देखने को मिल रहा है.
कुरासाओ के खिलाड़ियों के लिए अलग नियम
कुरासाओ की नेशनल टीम के मेडिकल स्टाफ के एक सदस्य ने दिलचस्प खुलासा किया है. उन्होंने बताया कि इस पूरे वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को होटल में अपनी पत्नियों और पार्टनर्स के साथ कमरा शेयर करने की पूरी इजाजत दी गई है. आमतौर पर बड़े टूर्नामेंट्स में खिलाड़ी अपनी पत्नियों और पार्टनर्स के बिना रहते हैं, ताकी खेल पर ज्यादा ध्यान दिया जा सके. लेकिन कुरासाओ के लिए खिलाड़ियों को साथ रहने की छूट दी गई है.
टीम मैनेजमेंट का यह हैरान कर देने वाला फैसला उनके अनुभवी डच कोच डिक एडवोकेट (Dick Advocaat) की सोच का नतीजा है. इस छूट के पीछे कोच एडवोकेट का तर्क काफी सीधा लेकिन असरदार है. उनका मानना है कि खिलाड़ियों के लिए एक ऐसा माहौल तैयार किया जाना चाहिए जहां वो पूरी तरह सहज महसूस कर सकें. कोच का सीधा लॉजिक है कि अगर खिलाड़ी मानसिक रूप से शांत और खुश रहेंगे, तो मैदान पर उनका प्रदर्शन भी उतना ही बेहतरीन होगा.
फीफा वर्ल्ड कप में खेल रहा सबसे छोटा देश
कुरासाओ वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने वाला अब तक का सबसे छोटा देश है, जिसकी आबादी 150,000 से थोड़ी ज्यादा है. ये टीम फिलहाल ग्रुप ई में 1 पॉइंट के साथ सबसे नीचे है. अपने पहले मैच में जर्मनी के हाथों 1-7 की करारी हार झेलने के बाद, उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए इक्वाडोर के साथ 0-0 से ड्रॉ खेला था. अब कैरेबियन टीम अपने आखिरी ग्रुप स्टेज मैच में आइवरी कोस्ट का सामना करेगी.