बवानीखेड़ा माइनर विवाद: दीवार से टेल तक नहीं पहुंच रहा पानी, किसान लामबंद
बवानीखेड़ा माइनर में मोगा 8000 के पास दीवार बनाने से जाटू लोहारी, सुमड़ा खेड़ा के किसानों में रोष। सिंचाई विभाग पर भेदभाव का आरोप, 29 जून को बुलाई महापंचायत।
बवानीखेड़ा। सिंचाई विभाग भले ही नहरों और माइनरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के दावे कर रहा हो लेकिन बवानीखेड़ा माइनर में मोगा संख्या 8000 के पास ईंटों की दीवार बनाए जाने से जाटू लोहारी, सुमड़ा खेड़ा और बलियाली के किसानों में रोष है। किसानों का आरोप है कि दीवार बनने से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके विरोध में तीनों गांवों के किसानों ने लामबंद होकर 29 जून को बैठक बुलाई है जिसमें दीवार हटवाने को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
माइनर में दीवार बनाए जाने के बाद किसानों का आरोप है कि सिंचाई विभाग ने यह कदम मोगा संख्या 8000 तक पड़ने वाले एक-दो गांवों के किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए उठाया है। किसानों का कहना है कि सामान्यतः माइनर के बीच में न तो दीवार बनाई जाती है और न ही इस प्रकार का नाका निकाला जाता है। खासकर उन माइनरों में ऐसा नहीं किया जाता जिनके हेड पर शटर लगे होते हैं। माइनर टूटने की स्थिति में शटर बंद कर पानी रोका जा सकता है। बवानीखेड़ा माइनर के हेड पर भी शटर लगा हुआ है जिससे पानी की मात्रा नियंत्रित की जा सकती है। ऐसे में मोगा संख्या 8000 पर दीवार बनाए जाने को किसान समझ से परे बता रहे हैं।