बाबा साहेब और कांशीराम का जिक्र कर मायावती ने दी थी सीख, बसपा नेता आकाश आनंद का भावुक बयान
बुलंदशहर की रैली में बहुजन समाज पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने मायावती द्वारा दी गई सजा और बाबा साहेब के संघर्षों का जिक्र किया है।
बहुजन समाज पार्टी (BSP) के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने बुधवार को बुलंदशहर में आयोजित एक विशाल रैली के दौरान पार्टी सुप्रीमो मायावती के साथ हुई अपनी बातचीत का खुलकर जिक्र किया। उन्होंने मंच से साझा किया कि जब हाल ही में मायावती ने उन्हें पार्टी से जुड़े मामलों में सजा दी थी, तब उन्होंने बहन जी से सवाल किया था कि वह हर बार उनकी कड़ी परीक्षा क्यों लेती हैं।
आकाश आनंद के मुताबिक, इसके जवाब में मायावती ने उन्हें भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और बीएसपी संस्थापक मान्यवर कांशीराम के महान संघर्षों का उदाहरण दिया था।
📜 “बाबा साहेब ने भी आखिरी सांस तक संघर्ष किया था”— मायावती की सीख को किया याद
रैली में मौजूद हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए आकाश आनंद ने कहा, “मैं पूरी निष्ठा के साथ बहन जी के बताए गए पदचिह्नों पर चल रहा हूँ। हाल ही में जब बहन जी ने मुझे सजा दी थी, तो मैंने उनसे सवाल किया था कि आप हर बार मेरी ही परीक्षा क्यों लेती हैं? इस पर उन्होंने मुझे समझाया कि क्या बाबा साहेब आंबेडकर ने आखिरी सांस तक समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष नहीं किया था?”
उन्होंने बताया कि मायावती ने बसपा संस्थापक कांशीराम के जीवन का हवाला देते हुए कहा कि जब इतना बड़ा वैचारिक आंदोलन और पूरा बहुजन समाज उनके कंधों पर है, तो इतनी बड़ी सामाजिक जिम्मेदारी बिना कड़ी परीक्षा लिए किसी को कैसे सौंपी जा सकती है।
💧 आंखों में आ गए थे आंसू, बहुजन समाज के लिए समर्पित रहने का संकल्प
आकाश आनंद ने भावुक होते हुए कहा कि मायावती की यह बातें सुनकर उनकी आंखों में आंसू आ गए थे। उन्होंने बहन जी से कहा था कि वह जितनी चाहें उनकी परीक्षा ले सकती हैं, वह बहुजन समाज के उत्थान और पार्टी के लिए अपनी पूरी ताकत और मेहनत झोंकने को तैयार हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से मायावती के प्रति अपना आभार प्रकट किया और विश्वास दिलाया कि वह समाज के हक की लड़ाई के लिए हमेशा डटे रहेंगे।