बिजली कर्मचारियों ने खोला मोर्चा, HKRN जॉब सिक्योरिटी और रिस्क अलाउंस लागू करने की मांग

हरियाणा में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी, निजीकरण और स्टाफ की कमी के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने रोहतक, सिरसा, जींद व भिवानी में प्रदर्शन कर सीएम को ज्ञापन सौंपा।

रोहतक : हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संघर्ष समिति के आह्वान पर हरियाणा भर में बिजली कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया. ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी रद्द करने, एग्री डिस्कॉम बनाने की योजना वापस लेने, बिजली कर्मचारियों के लिए रिस्क अलाउंस लागू करने, HKRN कर्मचारियों की जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित करने तथा रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करने की मांग को लेकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया.

सिरसा में बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन: सिरसा बिजली बोर्ड के प्रांगण में बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारी अधिकारी एवं इंजीनियर एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की. इसके उपरांत कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया तथा मुख्यमंत्री हरियाणा सरकार के नाम उपायुक्त सिरसा को ज्ञापन सौंपा. कर्मचारी नेता राजेश भाकर सतिन्दर मोंगा ने कहा कि बिजली कर्मचारियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है.

सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी: सतिंद्र के मुताबिक “बिजली निगमों में भारी स्टाफ की कमी के बावजूद कर्मचारियों पर कार्यभार बढ़ता जा रहा है. जिससे उपभोक्ता सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं. सरकार को तुरंत कर्मचारियों की लंबित मांगों का समाधान करना चाहिए तथा बिजली कर्मचारियों के लिए रिस्क अलाउंस लागू किया जाना चाहिए. ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी तथा एग्री डिस्कॉम जैसी कर्मचारी विरोधी नीतियों को तुरंत वापस लिया जाए. बिजली कर्मचारी दिन रात कठिन एवं जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हैं इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए.”

रोहतक में राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान: रोहतक में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने प्रदेश सरकार की नीतियों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने जिला उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग की. एचएसईबी वर्कर यूनियन के स्टेट सचिव बलराज कुंडू ने कहा कि बिजली क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने की किसी भी कोशिश का कर्मचारी पुरजोर विरोध करेंगे. संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर 11, 12 और 13 अगस्त को राष्ट्रव्यापी हड़ताल की जाएगी, जिसमें हरियाणा के बिजली कर्मचारी भी बढ़-चढ़कर भाग लेंगे”

जींद में भी बिजली कर्मचारियों की हड़ताल: बिजली निगम कर्मचारी गोहाना रोड से नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा. इसके बाद मीडिया कर्मियों ने कहा कि हमारा लक्ष्य हरियाणा सरकार को डीसी के माध्यम से ज्ञापन देकर यह चेताना है कि सरकार के पास कर्मचारियों और अधिकारीयों की मांगों का डिमांड चार्टर कई दिन पहले से ही यूनियन डेलीगेट दोबारा दिाया गया है. वह डिमांड अभी तक सरकार ने पूरी नहीं की है.

भिवानी में बिजली कर्मचारियों का आरोप: प्रदर्शन के दौरान ऑल हरियाणा पावर कॉर्पोरेशन वर्कर यूनियन के राज्य ऑडिटर एवं सर्व कर्मचारी संघ के जिला सचिव धर्मवीर सिंहभ्भाटी ने कहा कि सरकार द्वारा गुरुग्राम और नूंह में पैरेलल लाइसेंस देकर बिजली वितरण के निजीकरण की शुरुआत की जा रही है, जिसका कर्मचारी पुरजोर विरोध कर रहे हैं. उनका आरोप है कि सरकारी बिजली ढांचे का इस्तेमाल निजी कंपनियों के लिए किया जा रहा है, जबकि यदि निजी कंपनियों को लाइसेंस दिए जाते हैं तो उन्हें अपना अलग ढांचा तैयार करना चाहिए. धर्मवीर सिंह भट्टी ने एग्री डिस्कॉम के गठन पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहले से ही घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग फीडर व्यवस्था मौजूद है, ऐसे में नए कृषि वितरण निगम की आवश्यकता नहीं है.

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