बुधवार के उपाय: कारोबार में सफलता के लिए पढ़ें बुध देव के 108 नाम

ज्योतिष शास्त्र में बुध देव को बुद्धि और व्यापार का कारक माना गया है। कारोबार में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए बुधवार को करें बुध देव के 108 नामों का जाप।

ज्योतिष शास्त्र में बुध को बहुत विशेष और महत्वपूर्ण ग्रह माना गया है. ज्योतिष के अनुसार, बुध बुद्धि, वाणी, और व्यापार के प्रमुख कारक ग्रह माना जाता है. बुध को ग्रहों का राजकुमार माना जाता है. बुधवार का दिन भगवान गणेश के साथ साथ बुध का भी माना जाता है. ज्योतिषविद कहते हैं कि जिसकी कुंडली में बुध अच्छा और शुभ स्थिति में विराजमान होता है, तो उसको जीवन और कारोबार में खूब सफलताएं मिलती हैं.व हीं कुंडली में अगर ये ग्रह अशुभ होता है, तो जीवन में कई नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं.

कारोबार में भी हानि होना शुरू हो जाती है. इतना ही नहीं कारोबार बंद भी हो जाता है. हालांकि, ज्योतिष में कारोबार में आ रही बाधाओं को दूर करने और लाभ प्राप्त करने के लिए कुछ विशेष उपाय बताए गए हैं, जिनमें बुधवार को बुध के 108 नामों का जाप करना प्रमुख है. अगर आपको कारोबार में लाभ नहीं मिल रहा है, तो बुधवार के दिन बुध के 108 नामों का जाप अवश्य करें. मान्यता है कि ऐसा करने से कारोबार की सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं और लाभ प्राप्त होता है.

बुध देवता के 108 नाम

  1. ૐ बुधाय नमः
  2. ૐ बुधार्चिताय नमः
  3. ૐ सौम्यय नमः
  4. ૐ सौम्यचित्ताय नमः
  5. ૐ शुभप्रदाय नमः
  6. ૐ दृढव्रताय नमः
  7. ૐ दृढफलाय नमः
  8. ૐ श्रुतिजालप्रबोधकाय नमः
  9. ૐ सत्यवासाय नमः
  10. ૐ सत्यवचसॆ नमः
  11. ૐ श्रेयसांपतयॆ नमः
  12. ૐ अव्ययाय नमः
  13. ૐ सोमजाय नमः
  14. ૐ सुखदाय नमः
  15. ૐ श्रीमते नमः
  16. ૐ सोमवंशप्रदीपकाय नमः
  17. ૐ वेदविदे नमः
  18. ૐ वेदतत्वज्ञाय नमः
  19. ૐ वेदांतज्ञानभास्कराय नमः
  20. ૐ विद्याविचक्षणाय नमः
  21. ૐ विदूषे नमः
  22. ૐ विद्वत्प्रीतिकराय नमः
  23. ૐ ऋजवे नमः
  24. ૐ विश्वानुकूलसंचारिणे नमः
  25. ૐ विशेषविनयान्विताय नमः
  26. ૐ विविधागमसारज्ञाय नमः
  27. ૐ वीर्यावते नमः
  28. ૐ विगतज्वराय नमः
  29. ૐ त्रिवर्गफलदाय नमः
  30. ૐ अनंताय नमः
  31. ૐ त्रिदशाधिपपूजिताय नमः
  32. ૐ बुद्धिमते नमः
  33. ૐ बहुशास्त्रज्ञाय नमः
  34. ૐ बलिने नमः
  35. ૐ बंधविमोचकाय नमः
  36. ૐ वक्रातिवक्रगमनाय नमः
  37. ૐ वासवाय नमः
  38. ૐ वसुधाधिपाय नमः
  39. ૐ प्रसन्नवदनाय नमः
  40. ૐ वंद्याय नमः
  41. ૐ वरेण्याय नमः
  42. ૐ वाग्विलक्षणाय नमः
  43. ૐ सत्यवते नमः
  44. ૐ सत्यसंकल्पाय नमः
  45. ૐ सत्यसंधाय नमः
  46. ૐ सदादराय नमः
  47. ૐ सर्वरोगप्रशमनाय नमः
  48. ૐ सर्वमृत्युनिवारकाय नमः
  49. ૐ वाणिज्यनिपुणाय नमः
  50. ૐ वश्याय नमः
  51. ૐ वातांगिने नमः
  52. ૐ वातरोगहृते नमः
  53. ૐ स्थूलाय नमः
  54. ૐ स्थैर्यगुणाध्यक्षाय नमः
  55. ૐ स्थूलसूक्ष्मादिकारणाय नमः
  56. ૐ अप्रकाशाय नमः
  57. ૐ प्रकाशात्मने नमः
  58. ૐ घनाय नमः
  59. ૐ गगनभूषणाय नमः
  60. ૐ विधिस्तुत्याय नमः
  61. ૐ विशालाक्षाय नमः
  62. ૐ विद्वज्जनमनोहराय नमः
  63. ૐ चारुशीलाय नमः
  64. ૐ स्वप्रकाशाय नमः
  65. ૐ चपलाय नमः
  66. ૐ चलितेंद्रियाय नमः
  67. ૐ उदन्मुखाय नमः
  68. ૐ मुखासक्ताय नमः
  69. ૐ मगधाधिपतये नमः
  70. ૐ हरये नमः
  71. ૐ सौम्यवत्सरसंजताय नमः
  72. ૐ सोमप्रियकराय नमः
  73. ૐ महते नमः
  74. ૐ सिंहादिरूढाय नमः
  75. ૐ सर्वज्ञाय नमः
  76. ૐ शिखिवर्णाय नमः
  77. ૐ शिवंकराय नमः
  78. ૐ पीतांबराय नमः
  79. ૐ पीतवपुषे नमः
  80. ૐ पीतच्छत्रध्वजांकिताय नमः
  81. ૐ खड्गचर्मधराय नमः
  82. ૐ कार्यकर्ते नमः
  83. ૐ कलुषहारकाय नमः
  84. ૐ आत्रेयगोत्रजाय नमः
  85. ૐ अत्यंतविनयाय नमः
  86. ૐ विश्वपावनाय नमः
  87. ૐ चांपेयपुष्पसंकाशाय नमः
  88. ૐ चरणाय नमः
  89. ૐ चारुभूषणाय नमः
  90. ૐ वीतरागाय नमः
  91. ૐ वीतभयाय नमः
  92. ૐ विशुद्धकनकप्रभाय नमः
  93. ૐ बंधुप्रियाय नमः
  94. ૐ बंधमुक्ताय नमः
  95. ૐ बाणमंडलसंश्रिताय नमः
  96. ૐ अर्कशानप्रदेशस्थाय नमः
  97. ૐ तर्कशास्त्रविशारदाय नमः
  98. ૐ प्रशांताय नमः
  99. ૐ प्रीतिसंयुक्ताय नमः
  100. ૐ प्रियकृते नमः
  101. ૐ प्रियभाषणाय नमः
  102. ૐ मेधाविने नमः
  103. ૐ माधवासक्ताय नमः
  104. ૐ मिथुनाधिपतयॆ नमः
  105. ૐ सुधिये नमः
  106. ૐ कन्याराशिप्रियाय नमः
  107. ૐ कामप्रदाय नमः
  108. ૐ घनफलाशाय नमः
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