भिवानी: अतिक्रमण हटाओ अभियान पर बवाल, व्यापारियों ने की मुआवजे की मांग
भिवानी में नगर परिषद के अतिक्रमण हटाओ अभियान का विरोध। रेहड़ी संचालकों ने सामान तोड़ने और नुकसान का आरोप लगाकर किया प्रदर्शन। जानें क्या है पूरा मामला।
भिवानी: भिवानी में नगर परिषद द्वारा चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर विवाद गहरा गया है. एक ओर नगर परिषद शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर रेहड़ी संचालकों और व्यापारियों ने सामान तोड़े जाने तथा आर्थिक नुकसान का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया. गुरुवार को जिला नागरिक अस्पताल के पास भिवानी व्यापार मंडल और रेहड़ी संचालकों ने नगर परिषद के खिलाफ नारेबाजी कर मुआवजे की मांग उठाई.
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर विरोध: नगर परिषद की कार्रवाई से प्रभावित रेहड़ी संचालकों का कहना है कि बिना पूर्व सूचना के उनकी रेहड़ियां और सामान तोड़ दिए गए. प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में व्यापारियों और रेहड़ी संचालकों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई. उनका आरोप है कि कार्रवाई के दौरान उनके रोजगार के साधनों को नुकसान पहुंचाया गया, जिससे उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है.
पीड़ितों ने सुनाई नुकसान की कहानी: रेहड़ी संचालक नीलम ने कहा कि, “मैं रोटी-सब्जी का काम करती हूं. नगर परिषद की टीम ने मेरी रेहड़ी तोड़ दी. हम गरीब लोग हैं, अब कमाकर कैसे खाएंगे. कोई सूचना भी नहीं दी गई. जब मौके पर पहुंचे तो सामान टूटा हुआ मिला. प्रशासन हमारे नुकसान की भरपाई करे.” वहीं, फल विक्रेता राजबीर ने कहा कि, “नगर परिषद की कार्रवाई में मेरी रेहड़ी हटवा दी गई, जिससे हजारों रुपये के फल खराब हो गए. मुझे करीब पांच से छह हजार रुपये का नुकसान हुआ है. कर्मचारी हमें लगातार परेशान करते हैं.”
व्यापार मंडल ने लगाए गंभीर आरोप: भिवानी व्यापार मंडल के अध्यक्ष जेपी कौशिक ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि, “शहर में व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है. कभी पीले पंजे से सामान तोड़ा जाता है तो कभी रेहड़ियां उठा ली जाती हैं. नगर परिषद में जाने पर 5 से 10 हजार रुपये मांगने की शिकायतें मिलती हैं. फुटपाथ बनाना अच्छी बात है और हम उसका सहयोग करेंगे, लेकिन किसी का सामान तोड़ना गलत है. यदि नगर परिषद ने व्यापारियों की मांगें नहीं मानीं तो उसका पुतला दहन किया जाएगा और आंदोलन को और तेज किया जाएगा.”
हांसी गेट से शुरू हुआ अतिक्रमण हटाओ अभियान: वहीं, दूसरी ओर नगर परिषद का कहना है कि शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है. नगर परिषद की तहबाजारी टीम ने ट्रैफिक पुलिस के सहयोग से हांसी गेट क्षेत्र में कार्रवाई शुरू की. इस दौरान फुटपाथों और सड़कों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया तथा कई रेहड़ियों और फड़ों को वहां से हटवाया गया. कार्रवाई की सूचना मिलते ही कई रेहड़ी संचालक अपना सामान लेकर मौके से हट गए, जबकि कुछ स्थानों पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण को हटाने के लिए मशीनों का उपयोग किया गया. टीम ने कई अवैध साइन बोर्ड भी हटाए और सामान जब्त किया.
नगर परिषद का पक्ष और आगे की योजना: तहबाजारी टीम के प्रभारी संदीप कुमार ने कहा कि, “फुटपाथों पर अवैध कब्जों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था और शहर की सुंदरता भी खराब हो रही थी. इसलिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है. यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी.” वहीं, ट्रैफिक प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा. नगर परिषद और ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि शहर के अन्य क्षेत्रों में भी जल्द इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी.
बता दें कि भिवानी में नगर परिषद की कार्रवाई ने एक बार फिर अतिक्रमण हटाने और छोटे कारोबारियों के रोजगार के बीच संतुलन का सवाल खड़ा कर दिया है. जहां प्रशासन शहर को व्यवस्थित और यातायात बाधामुक्त बनाने की बात कर रहा है, वहीं प्रभावित रेहड़ी संचालक अपने नुकसान की भरपाई और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग कर रहे हैं.