भिवानी-घग्गर ड्रेन का बदलेगा स्वरूप; ₹5 करोड़ से पक्के होंगे किनारे, बनेंगे 2 नए पंप हाउस

भिवानी-घग्गर ड्रेन की क्षमता बढ़ाने के लिए सिंचाई विभाग का बड़ा प्रोजेक्ट। ₹5 करोड़ की लागत से 25 गांवों को मिलेगी बाढ़ और जलभराव से राहत।

भिवानी। निर्माण के करीब 26 वर्ष बाद भिवानी-घग्गर ड्रेन के सुदृढ़ीकरण पर सिंचाई विभाग व्यापक स्तर पर काम शुरू करने जा रहा है। करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से ड्रेन को मजबूती प्रदान करने के साथ इसकी क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इससे आसपास के करीब 25 गांवों को बरसाती जलभराव और बाढ़ जैसे हालात से राहत मिलेगी।

समय के साथ शहर का दायरा बढ़ा और कई नए डिस्पोजल तथा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित हुए जिनका पानी भी इसी ड्रेन में डाला जाने लगा। भिवानी शहर से हिसार जिले के कंवारी गांव तक बनी लगभग 45 किलोमीटर लंबी भिवानी-घग्गर ड्रेन का अधिकांश हिस्सा आज भी कच्चा है। यही कारण रहा कि पिछले वर्ष मानसून के दौरान तोशाम, बवानीखेड़ा और भिवानी क्षेत्र के करीब 25 गांवों को बरसाती जलभराव का सामना करना पड़ा।

इनमें बलियाली, सागवान, धनाना, जाटूलुहारी, प्रेमनगर, दांग कलां और दांग खुर्द सहित कई गांव ऐसे रहे जहां करीब दो माह बाद पानी की निकासी संभव हो सकी। वर्तमान में ड्रेन की क्षमता शहर के नजदीक लगभग 200 क्यूसेक है जबकि टेल तक पहुंचते-पहुंचते इसकी क्षमता 100 क्यूसेक से भी कम रह जाती है। बारिश के दौरान खेतों का पानी ड्रेन में छोड़े जाने पर इसके कमजोर किनारे टूट जाते हैं जिससे गांवों में बाढ़ जैसे हालात बनने का खतरा बना रहता है। पिछले वर्ष भी तीन स्थानों पर ड्रेन के किनारे टूट गए थे जिससे कई गांवों के आबादी क्षेत्र तक पानी पहुंच गया था और उसकी निकासी में विभाग को भारी मशक्कत करनी पड़ी थी।

बलियाली और सागवान में अब नहीं टूटेंगे भिवानी-घग्गर ड्रेन के किनारे
सिंचाई विभाग भिवानी-घग्गर ड्रेन को पक्का करने के लिए स्थायी प्रबंध कर रहा है। इसके तहत गांव बलियाली और सागवान के पास करीब 5,000 फीट लंबाई तक ड्रेन के दोनों किनारों को पत्थरों से मजबूत किया जाएगा। इस कार्य पर करीब एक करोड़ 13 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। फिलहाल यह कार्य करीब 10 प्रतिशत पूरा हो चुका है और मानसून से पहले इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बलियाली और सागवान में हर वर्ष ड्रेन के किनारे कई बार टूटने से ओवरफ्लो पानी खेतों में जलभराव का कारण बनता रहा है।

रतेरा में ईंटों से मजबूत होंगे किनारे, धनाना में भी पक्की होगी ड्रेन
सिंचाई विभाग ने गांव रतेरा और धनाना में ड्रेन के कच्चे हिस्सों को ईंटों से पक्का करने का कार्य भी शुरू कर दिया है। गांव रतेरा के समीप भिवानी-घग्गर ड्रेन के करीब 4,200 फीट हिस्से को ईंटों से मजबूत किया जाएगा जिस पर एक करोड़ 15 लाख रुपये खर्च होंगे। इसी प्रकार गांव धनाना में करीब 5,500 फीट लंबाई तक ड्रेन के किनारों को ईंटों से मजबूत किया जाएगा। इस कार्य पर लगभग एक करोड़ 40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। विभाग को उम्मीद है कि यह कार्य भी बारिश शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाएगा।

सूई-बलियाली और धनाना के समीप बनेंगे दो नए पंप हाउस
भिवानी-घग्गर ड्रेन पर गांव सूई-बलियाली के समीप एक नया पंप हाउस बनाया जाएगा। करीब एक करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस पंप हाउस के माध्यम से ड्रेन का अतिरिक्त पानी निगाना फीडर में डाला जाएगा जिससे ड्रेन के ओवरफ्लो होने का खतरा कम होगा।

इसी प्रकार गांव धनाना के समीप दूसरा पंप हाउस बनाया जाएगा, जिस पर लगभग एक करोड़ 20 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके माध्यम से भिवानी-घग्गर ड्रेन का अतिरिक्त पानी जूई फीडर में डाला जाएगा। इससे गांव के आबादी क्षेत्र को जलभराव से राहत मिलेगी और खेतों का पानी भी आसानी से निकाला जा सकेगा। दोनों पंप हाउस ड्रेन के करीब 150 क्यूसेक अतिरिक्त पानी को दूसरी नहरों और ड्रेनों में डायवर्ट करने का कार्य करेंगे। इससे भविष्य में ड्रेन के ओवरफ्लो होने और किनारों के टूटने की स्थिति पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।

भिवानी-घग्गर ड्रेन के सुदृढ़ीकरण का कार्य चल रहा है। करीब 10 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। फिलहाल ड्रेन की सफाई का कार्य भी जारी है जो लगभग 50 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है। जिन गांवों में भिवानी-घग्गर ड्रेन पर बरसाती पानी का अत्यधिक दबाव रहता है वहां पत्थरों और ईंटों के माध्यम से ड्रेन को पक्का किया जा रहा है। इसके लिए विभाग द्वारा अलग-अलग वर्क ऑर्डर जारी किए गए हैं। 30 जून से पहले इन कार्यों को पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

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