भिवानी: सफाई मास्टर प्लान 3.5 साल से पेंडिंग, शहर की सफाई व्यवस्था बेहाल

भिवानी का 32 करोड़ का सफाई मास्टर प्लान 3.5 साल से प्रशासनिक मंजूरी के इंतजार में। 31 वार्डों और नई कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था प्रभावित।

भिवानी। नगर परिषद का शहर में नियमित सफाई व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार किया गया मास्टर प्लान पिछले साढ़े तीन साल से प्रशासनिक मंजूरी का इंतजार कर रहा है। करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस योजना के लागू न होने के कारण शहर के 31 वार्डों में नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित है और कई नई कॉलोनियां आज भी सफाई कर्मचारियों की पहुंच से बाहर हैं।

ये है सफाई का मास्टर प्लान
नगर परिषद भिवानी ने सर्वेक्षण के बाद शहर के 31 वार्डों में 513 किलोमीटर क्षेत्र को सफाई कार्य के लिए चिह्नित किया था। बाद में सरकार के नए मानकों के अनुसार वर्ग मीटर के आधार पर सफाई व्यवस्था का खाका तैयार किया गया। इसके तहत उच्च, मध्यम और निम्न श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। प्रथम चरण में 300 वर्ग मीटर क्षेत्र वाले वीआईपी एरिया को शामिल किया गया। दूसरे चरण में 500 वर्ग मीटर क्षेत्र के लिए एक सफाई कर्मचारी की तैनाती का प्रावधान मध्यम श्रेणी में किया गया। इसी प्रकार 700 वर्ग मीटर क्षेत्र को निम्न श्रेणी में रखा गया है जहां एक सफाई कर्मचारी तैनात होगा। भिवानी शहर से प्रतिदिन करीब 125 टन कचरा निकल रहा है।

शहर के इन इलाकों में नहीं हो रही गलियों में सफाई
सर्कुलर रोड से बाहर स्थित कॉलोनियों में सफाई व्यवस्था सबसे अधिक प्रभावित है। नगर परिषद के पास वर्तमान में करीब 275 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें से अधिकांश सरकारी कार्यालयों, वीआईपी क्षेत्रों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर तैनात हैं। दिनोद रोड, बैंक कॉलोनी, हांसी रोड स्थित देव नगर कॉलोनी, कोंट रोड तथा ढाणा रोड क्षेत्र की कई कॉलोनियों में नियमित सफाई कर्मचारी उपलब्ध नहीं हैं। सर्कुलर रोड की सफाई स्वीपिंग मशीन के साथ-साथ मैनुअल तरीके से भी करवाई जा रही है

शहर के बचे हुए क्षेत्र में नियमित रूप से सफाई करवाने के लिए मसौदा मुख्यालय भेजा हुआ है। जिसे मंजूरी मिलते ही शहर में नियमित रूप से सफाई का कार्य सुचारू रूप से शुरू करवा दिया जाएगा। मंजूरी मिलने तक स्वीपिंग मशीन से शहर में सफाई करवाई जा रही है। किसी नागरिक को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

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