मुख्यमंत्री का बड़ा फैसला! सरकारी स्कूलों में वाटर सैंपलिंग के आदेश, पोर्टल पर अपलोड होगी रिपोर्ट
हरियाणा सरकार ने सभी सरकारी स्कूलों में पीने के पानी की जांच के सख्त निर्देश दिए हैं। दूषित पानी मिलने पर स्वच्छ भारत/समग्र शिक्षा ग्रांट से लगेंगे RO प्यूरीफायर।
चंडीगढ़ । हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के बाद हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने प्रदेश के सभी सरकारी विद्यालयों में पीने के पानी की गुणवत्ता की गहन जांच करने और आवश्यक सुधार लागू करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।
परिषद द्वारा जारी पत्र के माध्यम से सभी जिलों के:
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अतिरिक्त उपायुक्तों (ADC)
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जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO)
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जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (DEEO)
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समग्र शिक्षा के जिला परियोजना समन्वयकों (DPC)
को इस अभियान को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत शुरू करने और समयबद्ध तरीके से पूरा करने का आदेश दिया गया है।
🧪 जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग करेगा सैंपल टेस्ट, आधिकारिक पोर्टल पर अपलोड होगी रिपोर्ट
राज्य परियोजना निदेशक की ओर से जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर निपटाया जाए।
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सैंपलिंग और टेस्टिंग: सभी सरकारी स्कूलों में पेयजल के नमूनों की जांच जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के प्रत्यक्ष समन्वय के साथ की जाएगी।
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पोर्टल पर रिपोर्ट अपडेट: पानी की जांच के बाद जो स्कूल निर्धारित सुरक्षा एवं स्वास्थ्य मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनकी विस्तृत रिपोर्ट स्कूल लॉगिन के जरिए आधिकारिक पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा।
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मुख्यालय को रिपोर्ट: सभी संबंधित अधिकारी आपसी तालमेल बनाकर तय समय-सीमा के भीतर समेकित रिपोर्ट (Consolidated Report) राज्य मुख्यालय को सौंपेंगे।
🚰 दूषित पानी मिलने पर स्कूलों में लगेंगे RO प्यूरीफायर, ‘स्वच्छता एक्शन प्लान’ से होगा फंड जारी
जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों के आधार पर जिन स्कूलों का पानी पीने योग्य नहीं पाया जाएगा या मानक से नीचे होगा, वहां तुरंत सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
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आधुनिक प्यूरीफायर: आवश्यकतानुसार ऐसे प्रभावित स्कूलों में तुरंत आर.ओ. (RO) या अन्य आधुनिक वाटर प्यूरीफिकेशन सिस्टम (Water Purification Systems) स्थापित किए जाएंगे।
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बजट का प्रावधान: पानी की जांच, मरम्मत और नए प्यूरीफायर लगाने पर होने वाले पूरे खर्च का वहन समग्र शिक्षा के तहत मिलने वाली वार्षिक स्कूल ग्रांट के ‘स्वच्छता एक्शन प्लान’ (Swachhta Action Plan) की 10 प्रतिशत राशि से किया जाएगा।