‘मेरी बच्चियों का ख्याल रखना’, सजा सुनते ही फफक-फफक कर रो पड़ी मुस्कान, दोनों को फांसी की सजा

मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में जिला जज की अदालत ने दोषी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। फैसला सुनते ही दोनों रो पड़े।

मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड यानी ‘नीला ड्रम केस’ में जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने दोनों दोषियों—मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई सुनवाई में जब अदालत ने सजा का ऐलान किया, तो दोनों दोषियों की हेकड़ी पूरी तरह निकल गई और वे जज के सामने गिड़गिड़ाने लगे। अदालत के सवाल पर मुस्कान ने हाथ जोड़कर कहा, “मेरी दोनों बेटियां बहुत छोटी हैं, उनका ख्याल रखा जाए… मुझे कम से कम सजा दी जाए।” वहीं उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने भी कांपती आवाज में कम सजा की गुहार लगाई। अदालत द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाते ही दोनों फफक-फफक कर रो पड़े, जिसके बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच बैरकों में वापस ले जाया गया।

🧪 नशीली दवा, हत्या और सीमेंट से भरा ड्रम: जानिए कैसे रची गई थी कत्ल की साजिश

अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्ण कुमार चौबे ने कोर्ट में बताया कि 24 फरवरी 2025 को सौरभ राजपूत लंदन से अपनी नौकरी छोड़कर मेरठ लौटा था। इसके बाद मुस्कान ने साजिश के तहत रात को खाने की सब्जी में नशीली दवा मिला दी। सौरभ के बेसुध होते ही प्रेमी साहिल को घर बुलाया गया और फिर दोनों ने मिलकर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद वॉशरूम में शव के टुकड़े किए गए, जिन्हें पहले ब्रीफकेस और बाद में एक नीले ड्रम में रखकर ऊपर से सीमेंट भर दिया गया ताकि बदबू बाहर न आ सके। 18 मार्च 2025 को सौरभ के भाई की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की और 19 मार्च को ड्रम काटकर शव बरामद किया गया।

📱 कैब चालक, होटल के सीसीटीवी और फॉरेंसिक साक्ष्य बने फैसले का आधार

मामले में कोई चश्मदीद गवाह न होने के बावजूद पुलिस ने परिस्थितिजन्य, इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर केस को बेहद मजबूत बनाया। हत्या के बाद दोनों आरोपी कैब से घूमने गए थे और जिस होटल में ठहरे थे, वहां के रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) और फॉरेंसिक रिपोर्ट ने अदालत में अपराध सिद्ध करने में अहम भूमिका निभाई। बचाव पक्ष ने मुस्कान की दो मासूम बेटियों के भविष्य का हवाला देकर नरमी की मांग की थी, लेकिन अदालत ने वारदात की प्रकृति, शव को छिपाने के वीभत्स तरीके और जघन्य अपराध को ध्यान में रखते हुए दोनों को फांसी की सजा सुनाई।

📅 सौरभ राजपूत हत्याकांड: घटना से लेकर फैसले तक की पूरी टाइमलाइन
  • 24 फरवरी 2025: सौरभ राजपूत लंदन से मेरठ अपने घर वापस आया।

  • 3 मार्च 2025: साजिश के तहत सौरभ की हत्या की गई।

  • 4 मार्च 2025: शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट से ढका गया।

  • 18 मार्च 2025: सौरभ के भाई बबलू की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी।

  • 19 मार्च 2025: नीले ड्रम से शव बरामद; मुस्कान और साहिल गिरफ्तार कर जेल भेजे गए।

  • 12 मई 2025: पुलिस ने अदालत में दाखिल की चार्जशीट।

  • 30 सितंबर 2026: जिला अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया।

  • 14 अक्टूबर 2026: अदालत ने दोनों दोषियों को मृत्युदंड (फांसी) की सजा सुनाई।

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