जन स्वास्थ्य मंत्री रणवीर गंगवा का कड़ा रुख; लापरवाह Nodal Officer/ME चार्जशीट

मंत्री रणवीर गंगवा ने रेवाड़ी में कष्ट निवारण समिति की बैठक में अनुपस्थित ME को चार्जशीट करने और भूमि फर्जीवाड़े की जांच के आदेश दिए।

रेवाड़ी: शहर के बाल भवन में सोमवार को जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक जन स्वास्थ्य मंत्री रणवीर सिंह गंगवा की अध्यक्षता में हुई. बैठक में आम लोगों की शिकायतों पर सुनवाई करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए. सेक्टर-1 के होली पार्क के पास सीवर लाइन की सफाई से जुड़े मामले में नगर परिषद के एमई के बैठक में मौजूद नहीं होने पर मंत्री ने उन्हें चार्जशीट करने के आदेश दिए.

हाईटेक मशीन से होगी सीवर की सफाई: मंत्री ने सेक्टर-1 की सीवरेज लाइन की सफाई हाईटेक सुपर सकर मशीन से कराने के निर्देश दिए. उन्होंने होली पार्क में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने को कहा. मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि, “आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए. पानी निकासी से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं का अधिकारी अपने स्तर पर ही समाधान करें.”

12 में से चार मामलों की जांच: बैठक में कुल 12 शिकायतों पर सुनवाई हुई. इनमें से चार अलग-अलग मामलों की जांच एसडीएम रेवाड़ी और अतिरिक्त उपायुक्त को सौंपी गई. मंत्री ने अधिकारियों से शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर जल्द समाधान सुनिश्चित करने को कहा.

एक जमीन, दो रजिस्ट्री और 11 साल बाद खुलासा: वहीं, बैठक में रेवाड़ी तहसील से जुड़ा अजीबोगरीब मामला सामने आया. शिकायत के अनुसार वर्ष 2014 में एक व्यक्ति ने एक ही जमीन दो लोगों को बेच दी. दोनों के नाम अलग-अलग रजिस्ट्री और इंतकाल भी हो गए, लेकिन मौके पर जमीन ही नहीं मिली. एक पीड़ित ने कोर्ट में केस दायर किया है. वहीं कनीना निवासी सेवानिवृत्त सैनिक सतपाल को 11 साल बाद पता चला कि जिस जमीन पर वह रह रहे हैं, वह उनकी नहीं है. सतपाल की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मंत्री रणवीर सिंह गंगवा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम रेवाड़ी को जांच के आदेश दिए. मंत्री ने कहा कि, “यह तो बहुत बड़ी बात है.” उन्होंने पूरे मामले की जांच कर तथ्य सामने लाने के निर्देश दिए.

एससीओ के ओपन स्पेस पर भी जांच: सेक्टर-4 की मार्केट में एससीओ नंबर 14, 1, 28 और 15 के साथ ओपन स्पेस विद पेवमेंट दिखाकर महंगे रेट पर एससीओ बेचे जाने का मामला भी सामने आया. अब यहां दुकानें और भवन बनाए जा रहे हैं. एचएसवीपी अधिकारियों ने इसकी जिम्मेदारी नगर परिषद की बताई, जबकि नप अधिकारियों ने जानकारी होने से इनकार किया. मंत्री ने एडीसी को मामले की जांच सौंप दी.

पांच करोड़ के काम, 95 लाख भुगतान का विवाद: अमर सिंह की शिकायत पर सुनवाई करते हुए मंत्री ने पुलिस अधीक्षक को जांच के बाद मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए. शिकायतकर्ता के अनुसार एक ठेकेदार ने अलग-अलग साइटों पर करीब पांच करोड़ रुपये के काम कराए, लेकिन करीब 95 लाख रुपये का भुगतान लंबे समय से नहीं किया जा रहा है. मंत्री ने मामले में नियम के अनुसार कार्रवाई के निर्देश दिए.

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