रोजाना सिर्फ 16 से 33 रुपये बचाकर बनाएं लाखों का फंड, जानिए SIP की कम्पाउंडिंग पावर
रोज सिर्फ 16 से 33 रुपये बचाकर म्यूचुअल फंड SIP में करें निवेश। जानिए कम्पाउंडिंग और रुपी कॉस्ट एवेरेजिंग की मदद से कैसे बनेगा 19 लाख का बड़ा कॉर्पस।
जब भी हम निवेश या वेल्थ क्रिएशन यानी संपत्ति बनाने के बारे में सोचते हैं, तो सबसे पहला ख्याल यही आता है कि इसके लिए हर महीने हजारों या लाखों रुपये की जरूरत पड़ेगी. आमदनी कम होने के कारण कई लोग निवेश की शुरुआत ही नहीं कर पाते हैं. लेकिन, निवेश की वास्तविक दुनिया इस धारणा से बिल्कुल अलग है.म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (सिप) आज के समय में आम निवेशकों के लिए एक ऐसा बेहतरीन और सुरक्षित टूल बनकर उभरा है, जिसने निवेश के मायने बदल दिए हैं.
अब आपको बड़ा फंड बनाने के लिए बड़ी रकम की जरूरत नहीं है. आप अपनी पॉकेट मनी या रोजमर्रा के मामूली खर्चों से बचाए गए पैसों से भी भविष्य के लिए एक मजबूत आर्थिक ढांचा खड़ा कर सकते हैं. दिन के महज 16 से 35 रुपये का नियमित निवेश, कम्पाउंडिंग (चक्रवृद्धि) की ताकत और रुपी कॉस्ट एवेरेजिंग के जरिए लंबी अवधि में लाखों रुपये का कॉर्पस तैयार कर सकता है.
सिर्फ 16 रुपये की बचत का जादुई गणित
अगर आप भारी-भरकम रकम निवेश नहीं कर सकते, तो शुरुआत हर महीने मात्र 500 रुपये की सिप से की जा सकती है. अगर इसे रोजाना के हिसाब से देखें, तो यह सिर्फ 16 से 17 रुपये बैठता है. आज के समय में एक कप चाय की कीमत भी इससे ज्यादा होती है. इतनी छोटी रकम से भी कम्पाउंडिंग की ताकत आपके लिए एक बड़ा फंड तैयार कर सकती है.
अगर आप 12 प्रतिशत के अनुमानित सालाना रिटर्न के हिसाब से लगातार 10 साल तक निवेश करते हैं, तो इन दस सालों में आपकी जेब से कुल 60,000 रुपये का निवेश होगा. वहीं इस जमा पूंजी पर आपको करीब 56,169 रुपये का अनुमानित रिटर्न मिलेगा. इस तरह दस साल बाद आपका कुल फंड 1,16,169 (लगभग 1.16 लाख) रुपये हो जाएगा.
अगर आप इसी निवेश को 15 साल तक बिना रुके चलाते हैं, तो आपका कुल निवेश 90,000 रुपये होगा. लेकिन कम्पाउंडिंग के असर से इस पर 1,62,288 रुपये का रिटर्न मिलेगा, जिससे कुल पैसा बढ़कर लगभग 2.52 लाख रुपये हो जाएगा. वहीं, अगर आप 25 साल के लंबे नजरिए से इस निवेश को जारी रखते हैं, तो आपकी तरफ से जमा की गई कुल राशि 1.50 लाख रुपये होगी. इस पर आपको 7,98,807 रुपये का भारी-भरकम अनुमानित ब्याज मिलेगा. इस तरह आपका कुल कॉर्पस आसानी से 9.50 लाख रुपये के करीब पहुंच जाएगा.
33 रुपये का निवेश तैयार करेगा भारी कॉर्पस
निवेश की रकम में किया गया एक छोटा सा बदलाव आपके आर्थिक लक्ष्यों को कई गुना तेजी से पूरा कर सकता है. अगर आप 500 रुपये की जगह अपने निवेश को दोगुना करके महीने का 1,000 रुपये कर देते हैं, तो लंबी अवधि में इसका असर वाकई चौंकाने वाला होता है. रोजाना के हिसाब से यह बचत सिर्फ 33 रुपये के आसपास होती है.
आंकड़ों के मुताबिक, 1,000 रुपये की मासिक सिप को अगर 25 वर्षों तक लगातार जारी रखा जाए, तो इतने सालों में आपकी तरफ से कुल 3 लाख रुपये का निवेश किया जाएगा. दिलचस्प बात यह है कि इस छोटी सी पूंजी पर आपको 15.97 लाख रुपये से अधिक का सिर्फ ब्याज मिलेगा. यानी 25 साल बाद जब आपका यह निवेश मैच्योर होगा, तो आपके पास करीब 19 लाख रुपये की एक बड़ी रकम मौजूद होगी. यह साबित करता है कि बड़ा फंड बनाने के लिए निवेश की जाने वाली रकम से कहीं ज्यादा अहमियत निवेश के समय की होती है.
12% अनुमानित सालाना रिटर्न के आधार पर SIP कैलकुलेशन
| मंथली SIP | समय (वर्ष) | कुल जमा राशि (₹) | अनुमानित रिटर्न/ब्याज (₹) | कुल संभावित फंड (₹) |
| ₹500 | 10 वर्ष | 60,000 | 56,169 | 1,16,169 |
| ₹500 | 15 वर्ष | 90,000 | 1,62,288 | 2,52,288 |
| ₹500 | 25 वर्ष | 1,50,000 | 7,98,807 | 9,48,807 |
| ₹1,000 | 10 वर्ष | 1,20,000 | 1,12,339 | 2,32,339 |
| ₹1,000 | 15 वर्ष | 1,80,000 | 3,24,576 | 5,04,576 |
| ₹1,000 | 25 वर्ष | 3,00,000 | 15,97,614 | 18,97,614 |
बाजार की मंदी में छिपा है मुनाफे का राज
शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव को देखकर अक्सर नए निवेशक घबरा जाते हैं. कई बार जब बाजार गिरता है, तो लोग डरकर अपनी चल रही सिप को बंद कर देते हैं. एक निवेशक के तौर पर यह सबसे बड़ी गलती साबित होती है. दरअसल, म्यूचुअल फंड में रुपी कॉस्ट एवेरेजिंग का नियम काम करता है. मंदी के दौर में जब बाजार नीचे होता है, तो आपके उसी पैसे से म्यूचुअल फंड की ज्यादा यूनिट्स आवंटित होती हैं. बाद में जब बाजार वापस अपनी तेजी के ट्रैक पर लौटता है, तो सस्ते में खरीदी गई यही अतिरिक्त यूनिट्स आपके रिटर्न को कई गुना बढ़ा देती हैं. इसलिए गिरावट के समय निवेश रोकना नहीं, बल्कि उसे जारी रखना चाहिए.
निवेश की शुरुआत में ध्यान रखने वाली बातें
वित्तीय जानकारों का मानना है कि आप जितनी कम उम्र में निवेश की शुरुआत करेंगे, कम्पाउंडिंग का फायदा आपके पक्ष में उतना ही बेहतर तरीके से काम करेगा. समय के साथ जैसे-जैसे आपकी आय बढ़े, आपको अपने निवेश को भी उसी अनुपात में बढ़ाना चाहिए. अपनी सिप की राशि में हर साल कम से कम 5 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी जरूर करें. यह एक बेहद कारगर तरीका है, जिससे आपका फंड आपकी उम्मीद से भी बहुत जल्दी बड़ा हो जाएगा और आप अपने वित्तीय लक्ष्य आसानी से हासिल कर सकेंगे.