लोनी प्रदूषण: अवैध फैक्ट्रियों पर गाज, यूपीपीसीबी की कार्रवाई तेज

गाजियाबाद के लोनी में प्रदूषण फैलाने वाली 1500 फैक्ट्रियों पर कार्रवाई। बिना शोधित पानी बहाने वाली इकाइयों के कनेक्शन काटे गए। पढ़ें यमुना-हिंडन प्रदूषण का हाल।

दिल्ली से सटे गाजियाबाद के लोनी इलाके की हवा में जहर घुलने का बड़ा कारण यहां चल रही अवैध फैक्टरियां हैं। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) ने प्रदूषण फैलाने वाली लोनी की डेढ़ हजार फैक्टरी की पहचान की है। इनमें से 500 से अधिक फैक्टरियों से निकलने वाला गंदा पानी यमुना को प्रदूषित कर रहा है। यमुना को प्रदूषण मुक्त कराने की कवायद शुरू हो गई है।

लोनी में अवैध रूप से चल रही फैक्टरियों को यूपीपीसीबी ने चिह्नित किया है। इन फैक्टरियों में अधिकांश अवैध हैं। पहले चरण में बिना शोधित पानी नालियों में बहाने वाली फैक्टरियों पर कार्रवाई की जाएगी। यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह ने बताया कि इन फैक्टरियों में कपड़ा रंगाई, इलेक्ट्रोप्लेटिंग और मेटल फिनिशिंग जैसे काम किए जाते हैं।

फैक्टरियों से निकलने वाले रसायनयुक्त पानी को बिना शोधित किए नालों में बहा दिया जाता है। नालों से होकर यह पानी यमुना में गिरता है। उन्होंने बताया कि लोनी में डेढ़ हजार फैक्टरी चिह्नित की गई हैं, जो प्रदूषण फैला रही हैं। इनमें से 500 से अधिक ऐसी हैं, जिनकी वजह से जल प्रदूषण बढ़ रहा है।

इन फैक्टरियों की इसीलिए विद्युत निगम और प्रसाशनिक टीम के साथ मिलकर अभियान शुरू किया है। क्षेत्रवार टीमें क्षेत्रों में जाकर इन इकाइयों पर कार्रवाई कर रही हैं। साथ ही विद्युत निगम से समन्वय कर यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि इन इकाइयों को मानकों का पालन किए बिना विद्युत कनेक्शन दोबारा न मिल सके। अधिकारियों के अनुसार नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।

हिंडन को दूषित होने से रोकने की तैयारी

यूपीपीसीबी हिंडन नदी को दूषित करने वाली फैक्टरियों को भी चिह्नित करेगी। हिंडन भी यमुना में ही मिलती है। ऐसे में हिंडन को प्रदूषण मुक्त किए बिना यमुना प्रदूषण मुक्त नहीं होगी। इसीलिए यूपीपीसीबी ने गाजियाबाद शहर और ट्रांस हिंडन जोन में चल रहीं अवैध फैक्टरियों के विद्युत कनेक्शन की जानकारी मांगी है। लोनी के अलावा हिंडन विहार, न्यू हिंडन विहार, कनावनी डूब क्षेत्र, अर्थला, नंदग्राम, सिहानी, मेरठ रोड, मैनापुर, दुहाई समेत कई इलाकों में अवैध फैक्टरियां चल रही हैं।

मार्च से अब तक 300 फैक्टरियां बंद कराईं

लोनी के विश्व में सर्वाधिक प्रदूषित होने की रिपोर्ट सामने आने के बाद से ही यूपीपीसीबी और जिला प्रशासन सक्रिय है। इस रिपोर्ट के आने के बाद से लोनी में अब तक करीब 300 फैक्टरी बंद कराई जा चुकी हैं। यह कार्रवाई मार्च से अब तक की गई है। बंद कराई फैक्टरियों के विद्युत कनेक्शन भी काटे गए हैं। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ दिन बाद ये अवैध फैक्टरियां फिर से चालू हो जाती हैं। इसीलिए प्रदूषण की समस्या का स्थायी रूप से समाधान नहीं हो पा रहा है।

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