हरियाणा पेयजल नीति 2026: ग्रामीण जलापूर्ति की कमान अब ग्राम समितियों के हाथ

हरियाणा में नई पेयजल नीति 2026 लागू। ग्राम जल एवं सीवरेज समितियां करेंगी संचालन, महिलाओं की 50% भागीदारी अनिवार्य। अब ऑनलाइन होगा पानी के बिल का भुगतान।

हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम जल एवं सीवरेज समितियां ही जलापूर्ति योजना तैयार करेंगी व निगरानी भी करेंगी। गांवों में आसानी से पेयजल आपूर्ति योजनाओं के संचालन ग एवं रखरखाव नीति-2026 के तहत यह सभी काम होंगे। जलापूर्ति के कार्यों का बेहतर संचालन कराने के लिए हर जिले में मॉडल गांव बनाए जाएंगे।

इसी तरह से उपभोक्ताओं को भारत बिल पे और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलेगी। इससे जल शुल्क भुगतान और सरल होगा। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने पेयजल आपूर्ति योजनाओं के संचालन एवं रखरखाव नीति की समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने कहा कि सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए केवल आधारभूत ढांचा तैयार करना ही पर्याप्त नहीं है, उसके दीर्घकालिक संचालन एवं रखरखाव के लिए मजबूत व्यवस्था भी आवश्यक है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आयुक्त एवं सचिव जे. गणेशन ने बताया कि ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों को नीति के तहत महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

ये समितियां जलापूर्ति की योजना तैयार करने से लेकर निगरानी, आधारभूत ढांचे के प्रबंधन, शिकायत निवारण, बिलिंग, उपभोक्ता शुल्क संग्रहण और रिकॉर्ड के रखरखाव का कार्य भी करेंगी। ग्राम जल एवं सीवरेज समितियों में महिलाओं की कम से कम 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की गई है। जनस्वास्थ्य विभाग ने केंद्रीयकृत शिकायत निवारण केंद्र स्थापित किया गया है।

टोल फ्री नंबर 1800-180-5678 के माध्यम से केंद्रीकृत शिकायत निवारण केंद्र पर कॉल कर सकेंगे। ऑनलाइन पोर्टल और सेवा एप के माध्यम से एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली भी विकसित कर दी है। सेवा का अधिकार अधिनियम के तहत निर्धारित समय में शिकायतों का निवारण होगा। विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, विकास एवं पंचायत विभाग के निदेशक अनीश यादव आदि अधिकारी बैठक में शामिल रहे।

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