हरियाणा: ₹2738 करोड़ के बागवानी प्रोजेक्ट का आगाज, बनेंगे 402 पैक हाउस

पंचकूला में सीएम नायब सैनी ने ₹2738 करोड़ की बागवानी परियोजना का किया शुभारंभ। 402 पैक हाउस और 25 नए जल भंडारण बांध बनेंगे।

पंचकूला: हरियाणा के सीएम ने पंचकूला से 2738 करोड़ की बागवानी संवर्धन परियोजना का शुभारंभ किया. साथ ही हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर की भी आधारशिला रखी. इस दौरान सीएम ने कहा कि, “विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की प्राप्ति में किसान, युवा, महिलाएं और आधुनिक तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. हरियाणा को बागवानी, एग्री-बिजनेस, कोल्ड चेन, खाद्य प्रसंस्करण और कृषि निर्यात के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है.”

सीएम ने किया आह्वान: इस दौरान CM ने आह्वान किया कि सभी मिलकर कृषि को अधिक टिकाऊ, आधुनिक और लाभकारी बनाने, जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देने और आगामी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने का संकल्प लें.

“एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण: मुख्यमंत्री नायब सैनी के इस दौरान साथ प्रदेश के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे. सबसे पहले सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण किया. साथ ही बागवानी विभाग द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया और पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी सबको दिलाई.

पौधरोपण-जल भंडारण और बांधों का जीर्णोद्धार: कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि, “हरियाणा ने देश को हरित क्रांति दी थी. लेकिन बदलती जलवायु, गिरते भूजल स्तर, बढ़ती कृषि लागत और छोटी जोत जैसी चुनौतियों को देखते हुए अब कृषि क्षेत्र में नए विकल्प अपनाने की आवश्यकता है. बागवानी, फल, सब्जियां, मसाले, औषधीय पौधे, फूल, मशरूम और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों में किसानों के लिए अपार संभावनाएं मौजूद हैं.”

“जलभराव प्रभावित भूमि पर पौधारोपण किया जाएगा”: मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, “प्रदेश के कई जिलों में जलभराव एवं सेम की समस्या के समाधान के लिए बायोड्रेनेज तकनीक का उपयोग करते हुए इस वर्ष एक हजार हेक्टेयर जलभराव प्रभावित भूमि पर पौधारोपण किया जाएगा, जिससे भूमि पुनः कृषि योग्य बन सकेगी. साथ ही भूमिगत जल संरक्षण के लिए शिवालिक एवं अरावली क्षेत्रों में 25 नए जल भंडारण बांध बनाए जाएंगे और 25 पुराने बांधों का जीर्णोद्धार किया जाएगा.”

हरियाणा में 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस बनेंगे: CM ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि, “वर्तमान में फलों और सब्जियों का 20 से 30 प्रतिशत हिस्सा खेत से बाजार तक पहुंचने से पहले ही खराब हो जाता है. इस चुनौती का समाधान सतत् बागवानी संवर्धन परियोजना के माध्यम से किया जाएगा. परियोजना के तहत 400 बागवानी क्लस्टर विकसित किए जाएंगे, 500 उत्पादक समूहों को संगठित एवं सशक्त बनाया जाएगा, 402 पैक हाउस, 4 लीड पैक हाउस, 3 फुलफिलमेंट सेंटर और 44 रिटेल आउटलेट स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा एक हजार वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा और 65 हजार एकड़ क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली के अंतर्गत लाया जाएगा. यह परियोजना खेत से बाजार तक संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को मजबूत करेगी और आधुनिक कोल्ड चेन नेटवर्क किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने में सहायक होगा. परियोजना में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वास्तविक समय निगरानी प्रणाली, मिट्टी एवं जल विश्लेषण, डिजिटल कृषि सलाह, इंटरनेट ऑफ प्लांट्स, भू-स्थानिक तकनीक, ई-मार्केटिंग और आधुनिक पैकेजिंग जैसी उन्नत तकनीकों का उपयोग किया जाएगा.”

कृषि में नवतकनीक का इस्तेमाल: मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, “महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय, करनाल और जापान के कोची विश्वविद्यालय के बीच ज्ञान एवं अनुसंधान के आदान-प्रदान से किसानों को विश्वस्तरीय तकनीकी सहायता उपलब्ध होगी. कृषि अब केवल खेती तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एक बड़ा व्यवसाय बन चुकी है. इसमें ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, स्मार्ट सेंसर, डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स जैसी तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका है. वे नौकरी मांगने के बजाय एग्री-बिजनेस, कृषि प्रसंस्करण, खाद्य उद्योग और निर्यात आधारित उद्यमों के माध्यम से रोजगार सृजनकर्ता बनें. महिलाओं की भागीदारी बागवानी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन जैसे क्षेत्रों में आत्मनिर्भर हरियाणा के निर्माण में महत्वपूर्ण होगी.”

तीन लाख से अधिक किसानों को लाभ: मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि, “हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर किसानों, एफपीओ, उद्यमियों, स्टार्टअप्स और कृषि विशेषज्ञों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा. इससे तीन लाख से अधिक किसानों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा, आपूर्ति श्रृंखला की दक्षता में 75 प्रतिशत से अधिक सुधार होगा और कटाई के बाद होने वाले नुकसान में 10-15 प्रतिशत तक कमी आएगी. जीएपी, जीएमपी, जीएचपी और एचएसीसीपी जैसे अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाकर कृषि निर्यात को भी नई गति मिलेगी.”

जापान और भारत के संबंधों का जिक्र: मुख्यमंत्री ने भारत-जापान संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि, “दोनों देशों के संबंध सदियों पुराने हैं. हरियाणा में वर्तमान में 394 जापानी उद्योग एवं 600 से अधिक जापानी व्यावसायिक प्रतिष्ठान कार्यरत हैं, जो दोनों देशों की मजबूत मित्रता का प्रमाण हैं. उन्होंने जापान सरकार और जीआईसीए का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया.”

पर्यावरण दिवस पर विशेष संदेश: मुख्यमंत्री नायब सैनी ने आगे कहा कि, “पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार विशेष काम कर रही है। हरियाणा सरकार इलेक्ट्रिक बसे खरीदी गई है. स्वच्छ सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026 में 780 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल की जाएंगी.”

एनसीआर की 1,308 इकाइयों में ओसीईएमएस स्थापित: सीएम ने आगे कहा कि, “क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए 1349 औद्योगिक इकाइयों में से 1308 इकाइयों में ओसीईएमएस स्थापित किए जा चुके हैं. प्रदेश में वायु गुणवत्ता की निगरानी के लिए 23 नए सीएएक्यूएमएस भी स्थापित किए जा रहे हैं. यमुना नदी के संरक्षण के लिए 133 एमएलडी क्षमता के 6 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन हैं, जबकि 7 एसटीपी के उन्नयन और 11 नए एसटीपी के निर्माण की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है. इसके अतिरिक्त औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 147.5 एमएलडी क्षमता के 8 नए कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे.”

किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि, “विश्व पर्यावरण दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किए गए “एक पेड़ मां के नाम” अभियान से देश में पर्यावरण संरक्षण के प्रति नया उत्साह है. गांवों, स्कूलों और विभिन्न संस्थाओं में बड़े स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. प्रदेश में किसानों को विभिन्न फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और भावांतर भरपाई जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है.”

फल एवं सब्जियां जल्दी खराब होने वाली उपज: कृषि मंत्री ने आगे कहा कि, “फल एवं सब्जियां जल्दी खराब होने वाली उपज हैं. इस कारण उनके सुरक्षित भंडारण और विपणन के लिए आधुनिक कोल्ड चेन अवसंरचना अत्यंत आवश्यक है. इसी उद्देश्य से हरियाणा एग्री बिजनेस एंड कोल्ड चेन सेंटर की स्थापना की जा रही है. इससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और फसलोत्तर नुकसान में कमी आएगी. बागवानी, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र के किसानों की आय बढ़ाने के महत्वपूर्ण साधन हैं, सरकार इन क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित कर रही है.”

यह पदाधिकारी मौजूद रहे: इस दौरान गृह सचिव सुधीर राजपाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयेंद्र कुमार, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष विनय प्रताप सिंह, बागवानी विभाग के विभागाध्यक्ष अर्जुन सैनी, मेयर श्याम लाल बंसल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, शिवालिक विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष ओम प्रकाश देवीनगर, उपायुक्त सतपाल शर्मा, पुलिस उपायुक्त सृष्टि गुप्ता समेत अन्य व्यक्ति और किसान उपस्थित रहे.

Leave A Reply

Your email address will not be published.