8 साल की मासूम से दुष्कर्म के दोषी रिश्तेदार को 20 साल की कैद, रेवाड़ी कोर्ट का बड़ा फैसला

रेवाड़ी के धारूहेड़ा क्षेत्र में 8 वर्षीय नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को 20 साल कैद और 12,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

रेवाड़ी : पुलिस अधीक्षक रेवाडी हेमेंद्र कुमार मीणा द्वारा जिला रेवाड़ी के सभी थाना प्रबंधक, चौकी इंचार्ज व अनुसंधानकर्ताओं को विशेष निर्देश दिए हुए हैं कि महिला विरुद्ध अपराध व पॉक्सो एक्ट के तहत शिकायत का बिना किसी विलंब के शिकायत के आधार पर अभियोग अंकित करें, साथ ही महत्वपूर्ण व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पुलिस कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय में आरोपितों को दंड व पीड़ित को न्याय दिलाने का कार्य करें।

इन्हीं निर्देशों की पालना के परिणाम स्वरूप थाना धारूहेड़ा पुलिस द्वारा की गई उत्कृष्ट पैरवी पर नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में डॉ. मैनपाल रामावत अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट रेवाड़ी द्वारा मामले में संलिप्त आरोपी युवक को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद व 12 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है।

बता दें कि मूल रूप से राजस्थान क्षेत्र की रहने वाली व हाल आबाद धारूहेड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी एक महिला ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया था कि वह करीब 3 साल से अपने बच्चों के साथ अपने मायके में रह रही है। 2 मार्च 2025 की सुबह समय करीब 10 बजे उसकी 8 साल की नाबालिग बच्ची घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ कंचे खेल रही थी।

इसी दौरान रिश्ते में मामा लगने वाला गांव का ही एक युवक जबरन उसकी नाबालिग बच्ची को अपने घर के कमरे में ले गया और उसके साथ गंभीर अपराध को अंजाम दिया। बच्ची के शोर मचाने और विरोध करने पर आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना के तुरंत बाद उसकी बच्ची ने रोते हुए उसे पूरी आपबीती बताई। पीड़िता की मां की शिकायत पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना धारूहेड़ा में पोक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज करके आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस ने जांच के बाद अदालत में चार्जशीट दायर की थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए और गवाहों के बयान भी दर्ज कराए। साक्ष्यों और सभी पहलुओं पर सुनवाई के बाद फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के एएसजे डॉ. मैनपाल रामावत ने आरोपी युवक को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषी को 20 साल कैद और 12 हजार रुपए जुर्माना की सजा दी है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को दो माह की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।

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