भिवानी में जल संकट: 9 दिन करना होगा नहरी पानी का इंतजार, राशनिंग बढ़ी

भिवानी में भीषण गर्मी के बीच गहराया जल संकट! 7 मई तक नहर आने का इंतजार, जलघर टैंकों में बचा कम पानी। टैंकरों के लिए ₹1000 तक चुका रहे लोग। जानें पूरी स्थिति।

भिवानी। भीषण गर्मी के बीच शहरवासियों को नहरी पानी के लिए अब नौ दिन तक इंतजार करना पड़ेगा जबकि जलघर टैंकों में घटते जल भंडारण के चलते शहर में पानी की राशनिंग बढ़ने की आशंका गहरा गई है। गर्मी की बढ़ती तपिश के साथ शहर में पेयजल संकट गंभीर होता जा रहा है।

पुराने शहर की जलापूर्ति के लिए जलघर टैंकों में बेहद कम पानी बचा है और अधिकारी मुश्किल से एक सप्ताह तक ही आपूर्ति बनाए रख पाने की स्थिति में हैं। ऐसे में शहर के भीतर पानी की राशनिंग और बढ़ सकती है। कई कॉलोनियों में मात्र 10 से 15 मिनट तक ही नलों में पानी आ रहा है जबकि बाहरी कॉलोनियों में स्थिति और अधिक गंभीर हो चुकी है जहां सप्ताहभर तक पेयजल आपूर्ति नहीं हो पा रही। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पुराने शहर में पानी की राशनिंग बढ़ा दी है।

शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए तीन मुख्य जलघर बने हुए हैं लेकिन इनमें शहरी आबादी की जरूरतों के अनुरूप पर्याप्त नहरी पानी भंडारण क्षमता नहीं है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने नहरों पर बने पंपिंग स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने के लिए टेंडर तो जारी कर दिए हैं लेकिन कार्य पूरा होने तक शहर जल संकट से जूझता रहेगा।

महम रोड स्थित पुराने जलघर में तलहटी स्तर तक ही पानी शेष है। पुराने शहर में फिलहाल एक दिन छोड़कर एक दिन पानी आपूर्ति का शेड्यूल लागू है। वहीं रोजाना होने वाली पेयजल आपूर्ति के समय में भी भारी कटौती कर पानी बचाने का प्रयास किया जा रहा है। सिंचाई विभाग के शेड्यूल के अनुसार 7 मई तक नहरों में पानी पहुंचने की संभावना है।

टैंकरों से हो रही पानी की आपूर्ति
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पेयजल संकट के बीच पानी के टैंकरों की आपूर्ति बढ़ा दी है। यह आपूर्ति नगर पार्षदों की मांग और जरूरत के अनुसार की जा रही है। प्रतिदिन लगभग 25 से 30 पानी के टैंकर विभिन्न क्षेत्रों में भेजे जा रहे हैं। वहीं निजी पानी टैंकर संचालक भी सक्रिय हो गए हैं। बाहरी कॉलोनियों में पानी की मांग बढ़ने से टैंकरों की जरूरत भी तेजी से बढ़ी है। एक टैंकर पानी के लिए लोगों को एक हजार रुपये से अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।

जलघर टैंकों में पानी का बेहद कम भंडारण बचा है। शहरवासियों से भी पानी बचाने की अपील की जा रही है। एक दिन छोड़ एक दिन राशनिंग की जा रही है। नहर आने तक पेयजल आपूर्ति का काम चल जाएगा। अगर नहरी पानी आने में निर्धारित शेड्यूल से देरी होती है तो फिर संकट बढ़ सकता है।

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