National Technology Day: ‘योगी की पाती’ में युवाओं को मंत्र- तकनीक के साथ चलें, वरना पिछड़ जाएंगे

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर CM योगी ने लिखा पत्र 'योगी की पाती'। युवाओं से तकनीक और नवाचार अपनाने की अपील। UP को 'डीप टेक कैपिटल' बनाने का रखा लक्ष्य।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तकनीक की तुलना समय से की. सीएम योगी ने ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ के मौके पर युवाओं को नसीहत दी. उन्होंने कहा कि तकनीक और समय एक ही जैसे हैं और जो इसके साथ नहीं चला वह पिछड़ जाएगा. सीएम ने सोशल मीडिया पोस्ट में राज्य के लोगों के लिए पत्र शेयर किया. उन्होंने कहा कि तकनीक केवल विकास का जरिया ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का सशक्त आधार है. उन्होंने लिखा कि मेरे युवा साथियों, तकनीक समय की तरह है. तकनीक के साथ नहीं चलना, समय से पिछड़ जाना है. तकनीक के साथ चलने का मतलब सुदृढ़ वर्तमान और स्वर्णिम भविष्य की दिशा में आगे बढ़ना है. उन्होंने युवाओं से कहा कि नई-नई तकनीक सीखें, नवाचार अपनाएं एवं आत्मनिर्भर राज्य के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं.

सीएम योगी ने ये लेटर को ‘योगी की पाती’ शीर्षक से लिखा. सीएम ने लिखा कि हर साल 11 मई को ‘राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस’ मनाया जाता है लेकिन ये दिन यूं ही नहीं चुना गया. उन्होंने लिखा कि 1998 में इसी दिन पोखरण में ‘ऑपरेशन शक्ति’ के अंतर्गत भारत ने तीन सफल परमाणु परीक्षण कर विश्व को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा, तकनीकी आत्मविश्वास और राष्ट्रीय सामर्थ्य का बोध कराया. इसी दिन स्वदेशी विमान ‘हंस-3’ ने सफल उड़ान भरी, तो स्वदेशी ‘त्रिशूल’ मिसाइल का परीक्षण भी हुआ. तकनीक केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का सशक्त आधार है. उत्तर प्रदेश सरकार इसी मंत्र पर आगे बढ़ रही है.

140 करोड़ भारतीयों को ग र्व

सीएम योगी ने पत्र में बताया कि आज तकनीक प्रयोगशाला से निकलकर खेत-खलिहान तक पहुंच गई है और इससे जनजीवन सुगम हुआ है. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन में खुद से गणना हो जाने की सुविधा इसी तकनीक का प्रतिफल है. मुख्यमंत्री ने पत्र में अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला का भी जिक्र किया. उत्तर प्रदेश के सपूत शुभांशु शुक्ला ने बीते सालों में सफल अंतरिक्ष उड़ान से 140 करोड़ भारतीयों का सीना गर्व से चौड़ा किया, तो यह तकनीक का ही चमत्कार है. इससे हमें प्रेरणा लेनी चाहिए.

सीएम योगी ने लेटर में बताया कि इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड के मूलमंत्र के साथ हमारी सरकार ड्रोन, क्वांटम, ग्रीन हाइड्रोजन एवं मेड-टेक के क्षेत्र में प्रगति करते हुए उत्तर प्रदेश को देश का ‘डीप टेक कॅपिटल’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. तकनीक आधारित विकास की इस यात्रा में उत्तर प्रदेश आज आईटी पार्क, स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है. यहां ब्रह्मोस मिसाइल तक बन रही है.

मुख्यमंत्री ने युवाओं से कहा कि वे नई-नई तकनीक सीखें, नवाचार अपनाएं एवं आत्मनिर्भर प्रदेश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं और यही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

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