Delhi MCD New Rules: दिल्ली में अब गंदगी फैलाने या पोस्टर चिपकाने पर जेल नहीं, लगेगा भारी जुर्माना

दिल्ली में सार्वजनिक स्थान पर पेशाब करने, पोस्टर चिपकाने और बिना लाइसेंस ढाबा-चाय दुकान चलाने पर लगेगा भारी जुर्माना। जेल का प्रावधान खत्म।

राजधानी दिल्ली में अब नगर निगम के नियम तोड़ने वालों को जेल नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन जेब जरूर ढीली करनी पड़ेगी. एमसीडी ने नागरिक कानूनों और निगम नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई के तरीके में बड़ा बदलाव किया है. नए प्रावधान लागू होने के बाद अब सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने, दीवारों पर पोस्टर चिपकाने, बिना लाइसेंस ढाबा या चाय की दुकान चलाने और अवैध रूप से मवेशी रखने पर जुर्माना वसूला जाएगा.

यह बदलाव केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत किया गया है. इसके बाद एमसीडी अधिनियम 1957 में संशोधन कर कई पुराने दंडात्मक प्रावधानों को बदला गया है. निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं.

गंदगी फैलाने पर कितना जुर्माना?

नए नियमों के अनुसार अब सार्वजनिक स्थान पर पेशाब करने पर 500 रुपये का जुर्माना देना होगा. दीवारों और सार्वजनिक संपत्ति को गंदा करने या पोस्टर चिपकाने पर 1000 रुपये का जुर्माना लगेगा. वहीं प्रदूषण फैलाने वाले पदार्थ जमा करने पर भी 500 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है.

बिना लाइसेंस नहीं चला सकते चाय की दुकान

एमसीडी ने बिना लाइसेंस कारोबार करने वालों पर भी शिकंजा कसा है. बिना लाइसेंस चाय की दुकान, ढाबा, रेस्तरां, थिएटर या सर्कस चलाने पर 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा. इसके अलावा बिना अनुमति घोड़े या मवेशी रखने वालों पर भी 1000 रुपये की पेनाल्टी तय की गई है.

पहले क्या था नियम?

निगम अधिकारियों के मुताबिक, पहले ऐसे मामलों में जेल भेजने का प्रावधान था, लेकिन अब इसे हटाकर आर्थिक दंड लागू किया गया है. निगम का मानना है कि इससे छोटी-छोटी नागरिक उल्लंघनों के मामलों में कानूनी प्रक्रिया आसान होगी और लोगों में नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ेगी.

एमसीडी ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले मामलों की सुनवाई अपीलीय न्यायाधिकरण (एटी) एमसीडी में होगी. निगम का कहना है कि राजधानी को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर अव्यवस्था और अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण किया जा सके.

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