गाजियाबाद: 15 साल पुराने न्यू इंडिया बैंक्विट हॉल गोलीकांड में 2 आरोपी बरी
गाजियाबाद कोर्ट का बड़ा फैसला: 2011 के न्यू इंडिया बैंक्विट हॉल गोलीकांड में साक्ष्य के अभाव में कुलबीर भाटी और गोपाल पंडित बरी। सुंदर भाटी पर हमले में हुई थी 4 की मौत।
गाजियाबाद । अदालत से करीब 15 साल पुराने न्यू इंडिया बैंक्विट हॉल गोलीकांड मामले में दो आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिए गए। मामला साहिबाबाद थाना क्षेत्र का था, जहां शादी समारोह के दौरान अंधाधुंध फायरिंग में चार लोगों की मौत हो गई थी। वहीं दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बचाव पक्ष के अधिवक्ता कुलदीप सिंह के अनुसार 18 नवंबर 2011 को साहिबाबाद स्थित न्यू इंडिया बैंक्विट हॉल में कुख्यात बदमाश सुंदर भाटी के साले की बेटी नीलम की शादी समारोह आयोजित हुई थी। समारोह में सुंदर भाटी भी शामिल होने पहुंचा था। इसी दौरान उसके विरोधियों ने बैंक्विट हॉल में अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं।
हमले में सुंदर भाटी बच निकला, लेकिन धनवीर सिंह, जबर सिंह, नवीन और शौकीन की गोली लगने से मौत हो गई। जबकि पवन और अंजलि गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद रणजीत सिंह ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराया था। मुकदमे में कुख्यात अनिल दूजाना, अमित कसाना, जुगला, कुलबीर भाटी और गोपाल पंडित समेत 13 लोगों को नामजद किया गया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोपपत्र दाखिल किया।मामले की सुनवाई के दौरान वर्ष 2015 और 2017 में कुलबीर भाटी और गोपाल पंडित को छोड़कर अन्य आरोपियों को बरी कर दिया गया था, जबकि दोनों की फाइल अलग कर दी गई थी। इस मामले में मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-7 के न्यायाधीश मनीष निगम की कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में कुलबीर भाटी और गोपाल पंडित को बरी कर दिया।