गाजियाबाद: बच्चों में पीलिया का कहर; 237 पानी के सैंपल फेल, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

गाजियाबाद में दूषित पानी से बच्चे हो रहे पीलिया के शिकार। स्वास्थ्य विभाग की जांच में 237 पेयजल नमूने फेल। एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में बढ़ी मरीजों की संख्या।

बच्चों में पीलिया के मामले बढ़ रहे हैं

प्रदूषित पानी और संक्रमित भोजन से बच्चे पीलिया का शिकार हो रहे हैं। एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन पांच से छह बच्चों में पीलिया के लक्षण मिल रहे हैं। एमएमजी अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. विपिन उपाध्याय का कहना है कि ओपीडी में रोजाना पांच से छह बच्चे पीलिया से पीड़ित आ रहे हैं। इन बच्चों को बुखार, दस्त, उल्टी और आंखों में पीलापन जैसी शिकायत देखने को मिल रही है। जांच के बाद बच्चों में पीलिया की पुष्टि हो रही है। बच्चों में पीलिया के बढ़ने का मुख्य कारण दूषित जल की आपूर्ति और अनियमित खानपान है।

पीलिया का कारण और प्रकार

पीलिया मुख्य रूप से जलजनित बीमारी है जो हेपेटाइटिस वायरस के कारण फैलती है। शुद्ध पानी की अनुपलब्धता बच्चों की कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली को सीधे प्रभावित कर रही है, जिससे वे आसानी से इस संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं।

जलजनित बीमारी के खिलाफ जागरूकता

मई में जिन स्थानों के पेयजल सैंपल अंसतोषजनक पाए गए हैं, उनमें राइज ऑर्गेनिक होम्स, जयपुरिया ग्रीन्स, प्लेटिनियम 321 सोसाइटी, जिदंल पब्लिक स्कूल, शौर्यपुरम, विनोद कुमार आरओ वाटर, क्रिश्चियन नगर, जेकेवी इंड्रस्टीज मोदीनगर शामिल है।

स्वास्थ्य विभाग की जांच

स्वास्थ्य विभाग की जांच में चार महीने में पेयजल के 237 नमूने असंतोषजनक पाए गए हैं। एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. शिवी अग्रवाल का कहना है कि संक्रमण से बचाव के लिए लोगों को पानी उबालकर ठंडा करके पीना चाहिए या प्रमाणित फिल्टर का पानी ही पिएं। यह सावधानी ही बच्चों को इस जलजनित बीमारी के खतरे से बचा सकती है।

पेयजल जांच के आंकड़े

माह नमूने सही फेल

जनवरी 531 459 72

फरवरी 291 221 70

मार्च 177 143 34

अप्रैल 271 233 38

मई 237 214 23

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