RTE एडमिशन पर निजी स्कूलों की मनमानी; 1200 से ज्यादा बच्चे दाखिले को मोहताज
जिले के निजी स्कूलों में RTE के तहत चयनित 6086 में से 1200+ बच्चों को नहीं मिला दाखिला। चेतावनी के बावजूद विभाग बेअसर, अभिभावक 3 महीने से काट रहे चक्कर।
जिले के निजी स्कूल आरटीई दाखिला देने को तैयार नहीं हैं। तमाम चेतावनियों के बावजूद भी स्कूल संचालकों पर असर नहीं पड़ रहा है। वहीं, शिक्षा विभाग भी इन पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। न तो बच्चों को दाखिला मिल रहा है और न अधिकारी स्कूलों पर कार्रवाई कर रहे हैं। स्कूलों की तानाशाही और विभाग की लापरवाही के चलते अभिभावक भटकने को मजबूर हैं।जिले में आरटीई योजना के तहत तीन चरणों में 6086 बच्चों का चयन हुआ है। इनमें से करीब 4800 बच्चों को ही अभी तक दाखिला मिल पाया है।
दाखिला से वंचित मासूम बच्चों के अभिभावक अपनी अर्जी लेकर इधर से उधर चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनके बच्चों को दाखिला नहीं मिल पा रहा है। न तो शिक्षा विभाग और न ही जिला प्रशासन बच्चों को अधिकार दिला पा रहा है। बीते सप्ताह जिला प्रशासन ने स्कूलों संग बैठक कर एक सप्ताह में दाखिला देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी स्कूलों पर कोई असर नहीं हुआ और स्कूलों द्वारा बहाने बनाकर दाखिला नहीं देने का सिलसिला जारी है। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल चयनित बच्चों की सूची नहीं मिलने का बहाना बनाकर वापस भेज देते हैं। विभाग जाने पर पता चलता है कि सूची पहले ही भेजी जा चुकी है। शिकायत करो तो अधिकारी आश्वासन देकर वापस लौटा देते हैं। विजय नगर निवासी अभिभावक सुमनलता देवी ने बताया कि पास के एक स्कूल में बेटे का चयन हुआ है, लेकिन स्कूल का कहना है वार्ड अलग है इसलिए दाखिला नहीं मिल सकता। इसी तरह तमाम अभिभावक अपने बच्चों के दाखिले के लिए करीब साढ़े तीन महीने से भटक रहे हैं।–चेतावनी से आगे नहीं बढ़ रही कार्रवाईःआरटीई के तहत जिले में करीब 1300 निजी स्कूलों में 13 हजार से अधिक सीटें आरक्षित हैं। प्रत्येक स्कूल में 25 फीसदी सीट आरटीई के लिए हैं। बावजूद इसके स्कूल मुनाफा कमाने के लिए आरटीई के बच्चों को दाखिला नहीं देते। वहीं, विभाग बीते कई दिन से दाखिला नहीं देने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने और स्कूल सील करने की बात कर रहा है, लेकिन कार्रवाई चेतावनी से आगे नहीं बढ़ रही है।–फरवरी 2026 में निकली थी पहली लॉटरीःआरटीई में बच्चों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से होता है। सत्र 2026-27 के लिए फरवरी 2026 में पहली लॉटरी निकाली गई थी। इसमें 3540 बच्चों का चयन हुआ था। इसके बाद मार्च में दूसरी और तीसरी लॉटरी निकाली गई। दूसरी लॉटरी में 1350 और तीसरे चरण की लॉटरी में 1196 बच्चों का चयन हुआ। इस तरह इस वर्ष कुल 6086 बच्चे चयनित हुए हैं। पहली लॉटरी में चयनित होने वाले कई बच्चों को अभी तक भी दाखिला नहीं मिल पाया है।–अधिकारी वर्जनःदाखिला नहीं मिलने से संबंधित सभी शिकायतों का संज्ञान लिया जा रहा है। स्कूल प्रबंधन से बातचीत के जरिए बच्चों को दाखिला दिलाया जा रहा है।