हरियाणा: हलवाई की बेटी रुपांशी बनी नेशनल रेसलिंग चैंपियन, जीता गोल्ड
हरियाणा के सिलाना गांव की रुपांशी ने अंडर-17 नेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता। हलवाई के पिता की बेटी का सपना अब एशियन चैंपियनशिप में पदक जीतना है।
हरियाणा : हरियाणा के खेल जगत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां पर समय-समय पर बच्चे उपलब्धियां हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे है। इस बार यह उपलब्धि मिठाई बनाने वाले हलवाई की लड़की ने हासिल की है। सिलाना गांव की बेटी रुपांशी (इशु) अंडर-17 नेशनल चैंपियनशिप में 53 किलोग्राम भारवर्ग के फ्री स्टाइल मुकाबले में देश के शीर्ष पहलवानों को धूल चटाते हुए गोल्ड मेडलिस्ट बनी है।
मिली जानकारी के अनुसार रुपांशी ने बताया कि उनके गांव में जब अखाड़ा खुला था इस समय वह 9 साल की उम्र में शौक-शौक में वहां चली गई थीं। शुरुआत में वह अखाड़े में अकेली लड़की थी, जिसे देखकर लोग कुछ संकोच भी था, लेकिन उनके माता-पिता सहित परिवार ने अपनी बेटी के सपनों को टूटने नहीं दिया।
रुपांशी के परिवार बेहद साधारण है। उनके पिता तिलक राज गांव में ही हलवाई का काम करते हैं और मां घरेलू महिला हैं। रुपांशी ने अपनी खेल प्रतिभा से साबित कर दिया कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं। राष्ट्रीय स्तर पर इस शानदार उपलब्धि के बाद गांव पहुंचने पर रुपांशी सिलाना का ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ जोरदार नागरिक अभिनंदन किया गया।
रुपांशी ने अपनी इस सफलता का श्रेय कोच अमित कुमार को दिया, जिन्होंने सिलाना अखाड़े में उनकी प्रतिभा को निखारा। रुपांशी ने बताया कि उसका अगला लक्ष्य 14 जून को होने वाली एशियाई चैंपियनशिप के ट्रायल को पास करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए पदक जीतना है।