नोएडा: IAS संदीप भागिया के खिलाफ मोर्चा, अधिकारियों ने की शिकायत
जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने अपर आयुक्त आईएएस संदीप भागिया पर अपमानजनक व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। शासन को भेजी गई शिकायत।
आईएएस अधिकारी संदीप भागिया के खिलाफ जीएसटी अधिकारियों ने मोर्चा खोल दिया है। तीनों अधिकारी संगठनों ने संयुक्त मोर्चा बनाते हुए संदीप के खिलाफ शासन को लेटर लिखा गया है। इस लेटर में संदीप भागिया के खिलाफ गंभीर शिकायतें की गई हैं। संदीप इस समय राज्य कर विभाग के गौतम बुद्ध नगर जोन में अपर आयुक्त के पद पर तैनात हैं। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव, राज्य कर विभाग की प्रमुख सचिव और राज्य कर आयुक्त को चिट्ठी लिखी है।
सार्वजनिक रूप से डांट-फटकार और निजी टिप्पणी
डिप्टी कमिश्नर वेद प्रकाश सिंह की पत्नी द्वारा मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायती चिट्ठी के बाद यह पत्र आया है। नोएडा जोन के 60 से अधिक अधिकारियों ने इस पत्र में दस्तखत किए हैं। अधिकारियों ने पत्र में लिखा है कि अपर आयुक्त का व्यवहार अत्यंत अपमानजनक, असंवेदनशील और अधिकारियों का मनोबल तोड़ने वाला है। समीक्षा बैठकों में अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से फटकारना और व्यक्तिगत टिप्पणियां करना सामान्य हो गई है, जिससे विभाग में काम का वातावरण प्रभावित हो रहा है।
डांट से बिगड़ी डिप्टी कमिश्नर की तबीयत
अधिकारियों ने कहा है कि 12 जून को समीक्षा बैठक में डिप्टी कमिश्नर वेद प्रकाश सिंह को सभी अधिकारियों के सामने अपमानित किया गया। उन्होंने पुलिस भर्ती परीक्षा में ड्यूटी के कारण काम प्रभावित होने की जानकारी दी लेकिन अपर आयुक्त ने आक्रामक प्रक्रिया दी, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ी और चिकित्सीय सेवाएं लेनी पड़ी। यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि सभी अधिकारी यह व्यवहार झेलते हैं।
भय और तनाव का माहौल
चिट्ठी में अधिकारियों ने लिखा है कि अपर आयुक्त के कार्यभार संभालने के बाद से जोन में भय और तनाव का वातावरण बना हुआ है। अधिकारियों का आरोप है कि अधीनस्थ अधिकारियों से संवाद के बजाय दबाव और सार्वजनिक फटकार की कार्यशैली अपनाई जा रही है, जिससे कार्यकुशलता प्रभावित हो रही है। अधिकारी मानसिक तनाव में हैं।
अपमानजनक व्यवहार स्वीकार्य नहीं
संदीप भगिया के खिलाफ राज्य कर विभाग के तीनों अधिकारी संगठन एकजुट हो गए हैं। संयुक्त बैठक में संदीप के व्यवहार की निंदा की गई। अधिकारियों ने संदीप के व्यवहार और कार्यशैली की जांच करवाने की मांग की है। संगठन ने कहा किसी भी अधिकारी का अपमान स्वीकार्य नहीं है।