मनीषा मौत मामला: न्याय के लिए पिता का आमरण अनशन का ऐलान, सीबीआई पर रोष

मनीषा मौत मामले में सीबीआई जांच की देरी से भड़के ग्रामीण और खाप प्रतिनिधि। पिता ने 29 जून से भिवानी डीसी कार्यालय के सामने आमरण अनशन की चेतावनी दी।

ढिगावा मंडी। महापंचायत में न्याय की हुंकार के बीच मनीषा के पिता संजय ने कहा कि वह अंतिम सांस तक न्याय की लड़ाई लड़ेंगे। मनीषा मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर रविवार को गांव ढाणी लक्ष्मण के मुख्य चौक में महापंचायत आयोजित की गई। पंचायत में सीबीआई जांच में हो रही देरी और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं किए जाने पर ग्रामीणों, खाप प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने रोष जताया।

मनीषा के पिता संजय ने एलान किया कि यदि सीबीआई रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई तो वह 29 जून को सुबह 11 बजे से भिवानी स्थित डीसी कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठेंगे। महापंचायत में आदमपुर से कांग्रेस विधायक चंद्रप्रकाश जागड़ा, कांग्रेस के शहरी युवा प्रधान प्रदीप गुलिया तथा जोगी समाज के युवा प्रदेश अध्यक्ष संजय जोगी ने पहुंचकर पीड़ित परिवार को समर्थन दिया।
विधायक चंद्रप्रकाश जागड़ा ने कहा कि मनीषा पूरे हरियाणा की बेटी है और परिवार को न्याय दिलाना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सीबीआई को अपनी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। कांग्रेस के शहरी युवा प्रधान प्रदीप गुलिया ने कहा कि घटना को 10 महीने बीत चुके हैं फिर भी सीबीआई अब तक कोई ठोस खुलासा नहीं कर सकी है। इससे युवाओं में रोष है। इस अवसर पर भारतीय किसान मजदूर संघ के प्रदेश महासचिव धर्मपाल बडाला, कुलवंत मलिक, राजकुमार हडोदी, महेंद्र बिधनोई और डॉ. अनिल जांगड़ा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
मनीषा के पिता बोले- पिछले 10 महीने से सिर्फ तारीखें ही मिल रहीं हैं
मनीषा के पिता संजय ने पंचायत में भावुक होते हुए कहा कि पिछले 10 महीने से सिर्फ तारीखें ही मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि 13 अगस्त 2025 को उनकी बेटी का शव सिंघानी गांव की नहर के पास मिला था। सीबीआई जांच शुरू हुए भी लंबा समय बीत चुका है, फिर भी रिपोर्ट का इंतजार बना हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्हें कहीं से न्याय नहीं मिल रहा। सरकार से भी भरोसा उठ गया है। अब वह अंतिम सांस तक न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।
14 अगस्त को होगी मामले की अगली सुनवाई
गौरतलब है कि मनीषा मौत मामले की जांच सीबीआई कर रही है। एजेंसी को 9 जून को पंचकूला कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश करनी थी, लेकिन उसने दो महीने का अतिरिक्त समय मांग लिया। अब मामले की अगली सुनवाई 14 अगस्त को होगी। जांच में हो रही इसी देरी को लेकर ग्रामीणों और खापों में आक्रोश है। महापंचायत में किसान संगठनों, भीम आर्मी तथा आसपास के गांवों की महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी ने एक स्वर में मनीषा को न्याय दिलाने की मांग की।
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