दिल्ली: 10वीं मंजिल की बालकनी से गिरकर 5 साल की मासूम की मौत

दिल्ली के कालकाजी में आशा किरण अपार्टमेंट की 10वीं मंजिल से गिरकर 5 साल की बच्ची की मौत। मां को ढूंढते हुए बालकनी में हुआ हादसा। पढ़ें पूरी दुखद खबर।

देश की राजधानी दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी इलाके से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है. यहां कालकाजी एक्सटेंशन (Kalkaji Extension) में एक बहुमंजिला इमारत की 10वीं मंजिल से नीचे गिरने के कारण 5 साल की एक मासूम बच्ची की मौत हो गई. पुलिस के मुताबिक, यह खौफनाक हादसा शनिवार रात करीब साढ़े 10 बजे का है. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और पुलिस मामले के सभी संभावित पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है.

मृतक मासूम बच्ची अपने परिवार के साथ दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा विकसित किए गए 14 मंजिला ‘आशा किरण अपार्टमेंट’ में रहती थी. बच्ची के पिता का नाम मिथुन दास है, जो इसी इलाके में मछली की एक दुकान चलाते हैं. शनिवार की रात पूरा परिवार फ्लैट में ही मौजूद था, जब कुछ ही पलों में हंसता-खेलता परिवार इस बड़ी त्रासदी का शिकार हो गया.

नींद खुली तो मां को ढूंढने बालकनी की तरफ गई मासूम

प्रारंभिक जांच और पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मासूम बच्ची शनिवार शाम को समय से पहले सो गई थी. रात को करीब साढ़े 10 बजे अचानक उसकी नींद खुल गई. उस समय उसके माता-पिता घर के अन्य जरूरी कामकाज में व्यस्त थे. जब बच्ची की नींद खुली और उसने अपनी मां को आसपास नहीं पाया, तो वह कथित तौर पर मां को ढूंढते हुए बालकनी की तरफ चली गई. बालकनी में नीचे की तरफ देखने के लिए जैसे ही वह रेलिंग पर झुकी, अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया और वह 10वीं मंजिल से सीधे नीचे जा गिरी.

हादसे के तुरंत बाद परिजन और सोसायटी के लोग लहूलुहान हालत में बच्ची को लेकर नजदीकी अस्पताल भागे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया.

सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है पुलिस

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की अपराध जांच दल (Crime Investigation Team) ने तुरंत घटनास्थल का दौरा किया और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए. दक्षिण-पूर्वी दिल्ली पुलिस ने बताया कि आवासीय परिसर और उसके आसपास लगे सभी CCTV कैमरों की फुटेज को बारीकी से खंगाला जा रहा है, ताकि घटना से ठीक पहले की वास्तविक परिस्थितियों का सटीक पता लगाया जा सके. इसके साथ ही पुलिस परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और सोसायटी के अन्य निवासियों के बयान भी दर्ज कर रही है.

“सुरक्षा ग्रिल होती तो आज जिंदा होती हमारी बच्ची”

इस दर्दनाक हादसे के बाद मासूम के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने इस पूरी घटना के लिए बहुमंजिला इमारत में पर्याप्त सुरक्षा उपायों के अभाव को जिम्मेदार ठहराया है. परिवार के एक भावुक सदस्य ने रोते हुए कहा, “अगर फ्लैट की बालकनियों में सुरक्षा ग्रिल या लोहे की जाली लगी होती, तो हमारी बच्ची आज जिंदा होती. ऐसी ऊंची इमारतों में बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रशासन और बिल्डरों द्वारा उचित इंतजाम अनिवार्य होने चाहिए.”

वहीं, एक अन्य रिश्तेदार ने कहा कि इस घटना से पूरा परिवार गहरे सदमे में है. उन्होंने कहा, “उसकी अभी-अभी तो नींद खुली थी और वह अपनी मां को ढूंढ रही थी. कुछ ही पलों में वह हमसे हमेशा के लिए दूर हो गई. भगवान किसी भी परिवार को ऐसी त्रासदी न दिखाए.”

Leave A Reply

Your email address will not be published.