नोएडा: मैट्रिमोनियल साइट पर डॉक्टर बताकर महिला से 9.33 लाख की ठगी
नोएडा में मैट्रिमोनियल साइट के जरिए डॉक्टर बनकर महिला से 9.33 लाख की धोखाधड़ी। पुलिस की चेतावनी के बाद भी महिला ठग को और पैसे देने पर अड़ी।
नोएडा में 44 वर्षीय महिला एक शख्स से मेट्रोमोनियल साइट के जरिए संपर्क में आई और कथित तौर पर 9.33 लाख रुपये की ठगी का शिकार हो गई। यही नहीं हैरानी की बात ये है कि महिला खुद पुलिस थाने पहुंची और ठगी की जानकारी भी दी। इसके बावजूद महिला ठग को 3 लाख रुपये और देने की जिद कर रही थी।
पुलिस के मुताबिक शख्स ने खुद को डॉक्टर बताया और साथ ही महिला को शादी का झांसा दिया और यह भी कहा कि उसका अमेरिका के डलास में 3 बीएचके फ्लैट भी है। यही नहीं आरोपी ने महिला से यह भी वादा किया कि तलाक से जुड़ी कानूनी कार्रवाई खत्म होने के बाद वह उसके बेटे को विदेश में पढ़ाई करवाने में मदद करेगा।
तलाकशुदा है महिला
सेक्टर 36 में रहने वाली महिला 23 जून को थाने पहुंची और शिकायत दर्ज करवाई। महिला तलाकशुदा है और उसका कहना है कि वह अप्रैल में शख्स के संपर्क में आई थी और फिर दोनों फोन पर बातें करने लगे।
ठग ने क्या बहाना बनाया?
हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, महिला का कहना है कि ‘एक दिन युवक ने कहा कि वह आर्थिक तौर पर काफी परेशानी झेल रहा है। ऐसे में मैंने अपनी गोल्ड ज्वैलरी बेचकर उसकी मदद की क्योंकि मेरे पास कैश नहीं था। इसके बाद उसने 3 लाख रुपये की मदद और मांगी और फिर मैंने पुलिस में शिकायत दर्ज करने का फैसला लिया।’
महिला ने पुलिस से किया ये अनुरोध
महिला ने पुलिस से युवक का सच पता लगाने का अनुरोध किया है। महिला का कहना है कि ‘अगर वह एक सही शख्स है तो मैं उससे मिलना चाहूंगी और शादी के लिए आगे बढ़ना चाहूंगी। अगर वह आपराधिक बैकग्राउंड वाला है तो मैं चाहूंगी कि मुझे मेरा पैसा वापस मिल जाए।’
पुलिस का क्या कहना है?
नोएडा साइबर क्राइम ब्रांच के एसएचओ विजय सिंह राणा ने मामले पर कहा कि ‘अप्रैल और जून के बीच महिला ने करीब 9.33 लाख रुपये की कई ट्रांजेक्शन कीं। हमने एक केस दर्ज कर लिया है और ट्रांजेक्शन का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। महिला अभी भी उस शख्स को 3 लाख रुपये और देने की जिद कर रही थी क्योंकि उसे लगता है कि वह अच्छा इंसान है लेकिन, हमने उन्हें समझाया कि वे उस धोखेबाज को और पैसे ट्रांसफर न करें।’
पुलिस ने दर्ज किया अलग-अलग धाराओं में केस
साइबर क्राइम ब्रांच ने इस मामले में एक अज्ञात के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत धोखाधड़ी, पहचान बदलकर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।