करनाल: लॉरेंस-गोल्डी बराड़ गैंग के 6 शूटर गिरफ्तार, बड़ा मर्डर प्लान फेल
करनाल पुलिस ने गोल्डी बराड़ गैंग के 6 शूटरों को 8 हथियारों के साथ दबोचा। पूर्व पार्षद पवन ने दी थी सुपारी। डबल मर्डर की साजिश को पुलिस ने किया नाकाम।
करनाल: करनाल पुलिस की सीआईए वन (CIA-1) शाखा को लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कुटेल क्षेत्र से नाकाबंदी के दौरान भारी मात्रा में अवैध असला-बारूद के साथ 6 खूंखार बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी नामी गैंगस्टर गोल्डी बराड़ गैंग से जुड़े हुए हैं और राज्य में दो सनसनीखेज हत्याओं (डबल मर्डर) की वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 8 अवैध हथियार और 30 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। कार्रवाई के दौरान एक बदमाश मौके से फरार होने में कामयाब रहा।
पूर्व पार्षद पवन ने रंजिश में दी थी मर्डर की सुपारी
सीआईए वन के इंचार्ज संदीप ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पवन नामक एक मुख्य आरोपी भी शामिल है, जो साल 2013 में कलानौर से पार्षद रह चुका है। पहली टारगेट किलिंग (कलानौर): पूर्व पार्षद पवन की कलानौर के ही रहने वाले ‘अवतार’ नाम के व्यक्ति के साथ पुरानी चुनावी और निजी रंजिश चल रही थी। अवतार ने पवन के खिलाफ चुनाव लड़ा था और उनके बीच पहले लड़ाई-झगड़ा भी हुआ था। इसी का बदला लेने के लिए पवन ने अवतार की हत्या की पूरी साजिश रची थी। पूछताछ में सामने आया कि इन बदमाशों को दूसरी वारदात पंजाब के फिरोजपुर में अंजाम देनी थी। वहां इन्हें ‘चंदू फिरोजपुरिया’ नामक व्यक्ति की हत्या करनी थी। बदमाश इन दोनों हत्याओं को अंजाम दे पाते, इससे पहले ही करनाल सीआईए ने जाल बिछाकर इन्हें दबोच लिया।
गुप्त सूचना पर CIA ने कुटेल के पास की घेराबंदी
सीआईए इंचार्ज संदीप के मुताबिक, टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि गोल्डी बराड़ गैंग के कुछ शूटर भारी हथियारों के साथ करनाल की तरफ आ रहे हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले हैं। सूचना मिलते ही सीआईए की टीम ने कुटेल के पास नाकाबंदी कर संदिग्धों को घेरा। पुलिस को देखकर बदमाशों ने भागने का प्रयास किया, जिसमें से 6 को मौके पर ही दबोच लिया गया, जबकि उनका एक साथी भागने में सफल रहा, जिसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
आज कोर्ट में पेश कर लिया जाएगा 3 दिन का रिमांड
पकड़े गए सभी 6 आरोपियों को आज करनाल की जिला अदालत में पेश किया जाएगा। जांच अधिकारी ने बताया कि हथियारों के स्रोत (Suppliers) का पता लगाने, गैंग के अन्य नेटवर्क को खंगालने और फरार आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने के लिए माननीय अदालत से 3 दिन के पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान लॉरेंस-गोल्डी बराड़ नेटवर्क को लेकर कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।