दिल्ली: 32 हजार होंगे ईवी चार्जिंग स्टेशन, सरकार का बड़ा इंफ्रा प्लान

दिल्ली सरकार का ईवी सिटी बनाने का लक्ष्य। अगले 4 वर्षों में 32,000 ईवी चार्जिंग स्टेशन बनेंगे। साथ ही TOD नीति के तहत मेट्रो कॉरिडोर के पास बनेंगे नए फ्लैट।

राजधानी में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार मजबूत और विश्वसनीय चार्जिंग नेटवर्क विकसित करेगी। बुधवार को आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को उनके घरों और कार्यस्थलों के पास चार्जिंग सुविधा मिलनी चाहिए।

दिल्ली मेट्रो की पार्किंग, नगर निगम के पार्किंग स्थल, मेट्रो के एलिवेटेड कॉरिडोर के नीचे उपलब्ध खाली स्थान, डीडीए बाजारों के आसपास, प्रमुख मॉल, रेलवे स्टेशनों के बाहर, सरकारी परिसरों और बड़े व्यावसायिक क्षेत्रों में चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की संभावनाओं पर प्राथमिकता से जुटें।

दिल्ली सचिवालय में हुई बैठक में परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से चार्जिंग स्टेशनों के लिए आवश्यक बिजली आपूर्ति, भविष्य में बढ़ने वाली मांग और उसके मुताबिक इलेक्ट्रिक्ल इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारियों की पूरी जानकारी ली। उन्होंने सोलर आधारित चार्जिंग स्टेशनों के विकास पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, अगले चार वर्षों में दिल्ली में मौजूदा लगभग 9 हजार ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाकर करीब 32 हजार करने का लक्ष्य है।

फास्ट चार्जिंग तकनीक को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को ईवी सिटी बनाने के लिए ऐसे आधुनिक चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाएं, जहां बैठने की व्यवस्था, पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में फास्ट चार्जिंग तकनीक को प्राथमिकता दी जाए और स्लो चार्जिंग वाले बदले जाएं।

विभिन्न विभागों से लिया जाएगा सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार के लिए विभिन्न एजेंसियों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। इस दिशा में डीडीए, डीएमआरसी और ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित किया जा रहा है। इससे प्रक्रिया को गति मिलेगी।

प्रदूषण नियंत्रण की एआई के माध्यम से होगी निगरानी

दिल्ली सरकार की महत्वाकांक्षी क्लीन एयर-हेल्दी दिल्ली परियोजना में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए एआई आधारित निगरानी तंत्र विकसित किया जाएगा। परियोजना के लिए तैयार पर्यावरण एवं सामाजिक प्रतिबद्धता योजना (ईएससीपी) के अनुसार आठ हजार 300 करोड़ की इस परियोजना में निगरानी के साथ-साथ इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग ढांचा, वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन और विश्व बैंक समर्थित परियोजना प्रबंधन व्यवस्था विकसित की जाएगी।

मेट्रो और रेलवे के आसपास फ्लैट बनेंगे

दिल्ली में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) नीति के तहत मेट्रो, आरआरटीएस और रेलवे कॉरिडोर के आसपास के क्षेत्रों में मौजूद भूमि का विकास किया जाएगा। इसके लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने बुधवार से इन कॉरिडोर के आसपास स्थित डीडीए भूमि और लैंड पार्सलों को विकसित करने के लिए डेवलपरों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।

डीडीए प्रशासन के अनुसार टीओडी नीति में निजी डेवलपर व रियल एस्टेट कंपनियों की ऑनलाइन बिल्डिंग परमिट सिस्टम (ओबीपीएस) की आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके जरिए किफायती कीमत पर फ्लैटों का निर्माण करेंगे। इसके अतिरिक्त शॉपिंग सेंटर, स्टेडियम समेत कई तरह की सुविधाएं भी इन डेवलपरों की तरफ से निर्माण किया जाएगा। इस संबंध में उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू लगातार डीडीए के वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य विभागों के साथ लगातार बैठकें भी कर रहे हैं। डीडीए ने टीओडी नीति के तहत कुल 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को सम्मिलित किया है। जिसमें लगभग 80 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को पहली बार इसके दायरे में लाया गया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.