हिसार लुवास: फ्रांस के प्रतिनिधिमंडल ने किया दौरा, वैज्ञानिक सहयोग पर चर्चा
हिसार के LUVAS विश्वविद्यालय में फ्रांस के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दौरा किया। पशु चिकित्सा अनुसंधान और शैक्षणिक सहयोग की संभावनाओं पर हुई चर्चा। पढ़ें पूरी अपडेट।
हिसार: हिसार स्थित लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (लुवास) में फ्रांस के दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने दौरा कर विश्वविद्यालय की अनुसंधान, प्रशिक्षण और विस्तार शिक्षा गतिविधियों का अवलोकन किया. प्रतिनिधिमंडल में मैडम नेड्ज लीबो तथा फ्रेंच दूतावास में कृषि मामलों की काउंसलर मैडम मोनिक ट्रान शामिल रहीं. दौरे का मुख्य उद्देश्य पशुपालन एवं पशु विज्ञान के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों को समझना और भविष्य में दोनों देशों के बीच शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करना था.
उपलब्धियों और योजनाओं की दी जानकारी: कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया. इस दौरान विश्वविद्यालय की शिक्षण, अनुसंधान, विस्तार शिक्षा गतिविधियों, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ हुए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) और विभिन्न नवाचारों की विस्तृत जानकारी साझा की गई. साथ ही किसानों और पशुपालकों तक आधुनिक तकनीक एवं वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने के प्रयासों से भी प्रतिनिधिमंडल को अवगत कराया गया.
किसानों तक पहुंच रही आधुनिक तकनीक: कुलपति प्रो. (डॉ.) विनोद कुमार वर्मा ने कहा कि, “लुवास की गतिविधियां शिक्षण, अनुसंधान और किसानों के लिए विस्तार शिक्षा पर आधारित हैं. विश्वविद्यालय अपने पशु विज्ञान केंद्रों के माध्यम से पूरे हरियाणा के पशुपालकों तक आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक जानकारी और प्रशिक्षण पहुंचा रहा है.”
टीकाकरण और कौशल विकास की सराहना: बैठक के दौरान मैडम नेड्ज लीबो और मैडम मोनिक ट्रान ने लुवास में किए जा रहे अनुसंधान कार्यों की प्रशंसा की. मैडम नेड्ज लीबो ने कहा कि, “मुंह-खुर रोग नियंत्रण के लिए संचालित टीकाकरण कार्यक्रम तथा कौशल विकास के क्षेत्र में विश्वविद्यालय के प्रयास सराहनीय हैं.” प्रतिनिधिमंडल ने दोनों देशों के बीच अनुसंधान, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी विचार-विमर्श किया.
आधुनिक लैब और पशु फार्म ने किया प्रभावित: बैठक के बाद प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के पशु फार्म का निरीक्षण कर फार्म प्रबंधन की सराहना की. इसके बाद पशु जैव प्रौद्योगिकी विभाग की जीनोमिक डीएनए, इम्यूनोलॉजी, खाद्य सुरक्षा प्रयोगशालाओं, रोग मुक्त लघु पशु गृह, पशुचिकित्सा क्लिनिकल कॉम्प्लेक्स और निर्माणाधीन नए परिसर में स्थापित ई.टी.टी.-आई.वी.एफ. लैब का दौरा किया. प्रतिनिधिमंडल ने इन अत्याधुनिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए विश्वविद्यालय की वैज्ञानिक क्षमता की सराहना की.