ग्रेटर नोएडा: 1500 फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने दिया आदेश

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को 90 दिनों में फ्लैट रजिस्ट्री पर निर्णय लेने का आदेश दिया। रेडिकॉन वेदांतम और एम्स ग्रीन एवेन्यू के खरीदारों को बड़ी राहत।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-16सी स्थित रेडिकॉन वेदांतम और सेक्टर-4 स्थित एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी के करीब 1500 से अधिक खरीदारों के फ्लैट की रजिस्ट्री का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को 90 दिनों में इस पर निर्णय लेकर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। दोनों परियोजनाओं के खरीदार मालिकाना हक पाने के लिए कई वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं।

नेफोमा के मुख्य सलाहकार दीपक दूबे ने बताया कि रेडिकॉन वेदांतम सोसाइटी में कुल 800 फ्लैट हैं। पूर्व में 80 खरीदारों के फ्लैट की रजिस्ट्री हो चुकी है, लेकिन शेष 700 से अधिक खरीदार फ्लैट पर मालिकाना हक पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कुछ वर्ष पूर्व रजिस्ट्री की मांग को लेकर सोसाइटी के 146 खरीदारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। वहीं, एम्स ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में कुल 1150 फ्लैट हैं। इनमें सिर्फ 400 फ्लैट की रजिस्ट्री हो सकी है। शेष 700 से अधिक खरीदार रजिस्ट्री के लिए भटक रहे हैं। रजिस्ट्री की मांग को लेकर 94 लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

जस्टिस कुनाल रवि सिंह और जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी की डिवीजन बेंच ने 6 जुलाई को याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि प्रतिनिधित्व कानून के अनुसार तीन माह यानी 90 दिनों में निर्णय लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाए। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद दोनों ही परियोजनाओं में रजिस्ट्री शुरू होने की उम्मीद है।

नेफोमा के अध्यक्ष अन्नू खान ने कहा कि रजिस्ट्री समस्या से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई सोसाइटी गुजर रही हैं। बिल्डर और प्राधिकरण के बीच खींचतान से फ्लैटों की रजिस्ट्री बाधित हो रही है। रकम जमा करने के बाद भी लोगों को फ्लैट पर मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा।

फ्लैट खरीदार परेशान

अनुराग तोमर, ”बिल्डर और प्राधिकरण के बीच के विवाद में खरीदार पिस रहा है। खरीदार बिल्डर को फ्लैट का पूरा भुगतान कर चुके। इसके बावजूद रजिस्ट्री नहीं हो रही। इससे उन्हें फ्लैट पर मालिकाना हक नहीं मिल पा रहा।”

राहुल अग्रवाल, ”वेदांतम सोसाइटी में 2017 में फ्लैट बुक कराया था। पूरी राशि भी जमा करा दी, लेकिन कब्जा नहीं मिला। काफी संघर्ष के बाद वर्ष 2020 में कब्जा दिया। अब रजिस्ट्री के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।”

शोक कुमार कौशिक, अध्यक्ष एम्स ग्रीन एवेन्यू वेलफेयर एसोसिएशन, ”बिल्डर से लगातार वार्ता के बाद भी मालिकाना हक नहीं मिल रहा। इस मामले में न्यायालय से ही अंतिम उम्मीद है। न्यायालय के इस फैसले से खरीदारों को रजिस्ट्री की उम्मीद जगी है।”

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