नोएडा के 7 नामी प्राइवेट स्कूलों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना, योगी सरकार का बड़ा एक्शन

नोएडा के 7 प्राइवेट स्कूलों पर नियम तोड़कर ज्यादा फीस वसूलने के आरोप में 1-1 लाख का जुर्माना लगाया गया है। 69 संस्थान नशा मुक्त घोषित हुए।

नोएडा के 7 स्कूलों पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने कड़ा ऐक्शन लिया है। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने 7 प्राइवेट स्कूलों पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इन स्कूलों पर उत्तर प्रदेश फीस रेगुलेशन एक्ट के नियमों का उल्लंघन का आरोप है। इन्होंने तय सीमा से अधिक फीस बढ़ाई या बिना मंजूरी के अलग-अलग शुल्क लगाए।

जिला फीस रेगुलेटरी कमेटी का फैसला

आधिकारिक बयान के अनुसार, स्कूलों पर जुर्माना लगाने का फैसला गौतम बुद्ध नगर जिला मजिस्ट्रेट मेधा रूपम की अध्यक्षता में हुई जिला फीस रेगुलेटरी कमेटी की बैठक में लिया गया। कमेटी ने 2026-27 अकादमिक सत्र के लिए प्राइवेट स्कूलों की प्रस्तावित फीस बढ़ोतरी की समीक्षा की। कमेटी ने उत्तर प्रदेश सेल्फ-फाइनेंस्ड इंडिपेंडेंट स्कूल्स (फीस रेगुलेशन) एक्ट के नियमों के पालन की जांच की।

अधिकतम तय सीमा से अधिक फीस बढ़ाई

समीक्षा बैठक में पाया गया कि 6 प्राइवेट स्कूलों ने 2026-27 एकेडमिक सेशन के लिए 7.23 फीसदी की अधिकतम तय सीमा से अधिक फीस बढ़ाई। नोएडा के सेक्टर 21 के एक अन्य स्कूल ने कम्पोजिट फीस के अलावा अलग से सालाना फीस भी वसूली। यही नहीं 2025-26 एकेडमिक सेशन के लिए अपना फीस स्ट्रक्चर भी अपनी वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया। इस तरह इन स्कूलों ने गलतियां कीं।

यह पहली गलती, नोटिस के बावजूद नहीं चेते

कमेटी ने इन गलतियों को उत्तर प्रदेश सेल्फ-फाइनेंस्ड इंडिपेंडेंट स्कूल्स (फीस रेगुलेशन) एक्ट के तहत पहली बार की गई गलती माना। कमेटी ने 7 स्कूलों में से हर एक पर 1-1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। प्रशासन ने कहा कि जिन स्कूलों में तय सीमा से अधिक फीस बढ़ाई गई थी, उनको पहले नोटिस जारी करके एक्ट के नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, नोटिस के बावजूद 7 स्कूल इन गलतियों को ठीक करने में नाकाम रहे।

नियम कायदे तो मानने होंगे

कमेटी ने 7 स्कूलों के रवैये को गलत माना और इनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू की। गौतम बुद्ध नगर जिला प्रशासन ने कहा कि ‘उत्तर प्रदेश सेल्फ-फाइनेंस्ड इंडिपेंडेंट स्कूल्स (फीस रेगुलेशन) एक्ट’ के तहत प्राइवेट स्कूल कानूनी नियमों का पालन किए बिना तय सीमा से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकते हैं। उत्तर प्रदेश शासन के इस फैसले से जिले के तमाम प्राइवेट स्कूलों को एक सीधा संदेश जाएगा कि यदि नियम कायदे नहीं माने तो ऐक्शन तय है।

69 शैक्षणिक संस्थान नशा मुक्त घोषित

इस बीच नशा मुक्त युवा विकसित संकल्प अभियान के तहत बीते 6 महीनों के दौरान 69 शैक्षणिक संस्थानों को नशा मुक्त घोषित किया गया है। तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की ओर से जागरूकता अभियान चलाया गया था। अब राज्य का स्वास्थ्य विभाग सभी शिक्षण संस्थानों को प्रशस्ति पत्र देगा। इन सभी संस्थानों का हलफनामा आनलाइन पोर्टल के जरिए केंद्र सरकार और नारकोटिक्स नियंत्रण शाखा के उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है।

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