नोएडा के 9 सेक्टरों में बनेंगे 17 नए बिजली सबस्टेशन, पॉवर कट से मिलेगी राहत

नोएडा में पॉवर कट और ओवरलोडिंग की समस्या खत्म करने के लिए विद्युत निगम 9 सेक्टरों में 17 नए बिजली उपकेंद्र बना रहा है। जानिए किन सेक्टरों को मिलेगा फायदा।

नोएडा में पॉवर कट पर लगाम लगाने की तैयारी है। नोएडा में बढ़ती बिजली मांग और गर्मियों में ओवरलोडिंग की समस्या से निपटने के लिए विद्युत निगम ने 33/11 केवी के 17 नए बिजली उपकेंद्र बनाने का काम शुरू कर दिया है। ये उपकेंद्र 9 सेक्टरों में बनाए जा रहे हैं। निगम ने सभी उपकेंद्रों का निर्माण आठ महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। इनसे आगामी गर्मियों में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने में मदद मिलेगी।

इन 9 सेक्टरों में बनेंगे सबस्टेशन

स्काड़ा योजना के तहत शहर के बिजली ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। प्राधिकरण ने विद्युत निगम की मांग पर नौ सेक्टरों 8, 63, 65, 80, 81, 94, 106, 132 और 140 में उपकेंद्र बनाने के लिए जमीन उपलब्ध कराई है। जमीन मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो गया है।

हर सबस्टेशन पर 10 एमवीए के 2 ट्रांसफार्मर

प्रत्येक उपकेंद्र पर 10-10 एमवीए क्षमता के दो ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। इसके अलावा अन्य उपकेंद्रों के लिए भी प्राधिकरण से जमीन मांगी गई है। जमीन मिलने के बाद वहां भी निर्माण शुरू किया जाएगा।

अभी 108 सबस्टेशन कर रहे काम

वर्तमान में पूरे जिले में 108 बिजली उपकेंद्रों से आपूर्ति की जा रही है। इनकी कुल क्षमता करीब 2294 एमवीए है। गर्मियों में बिजली की मांग बढ़ने पर कई उपकेंद्रों पर अतिरिक्त भार आ जाता है। ओवरलोड होने की स्थिति में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना मुश्किल हो जाता है और कई बार कुछ समय के लिए ब्रेकडाउन लेना पड़ता है।

बिजली कट में मिलेगी मदद

नए उपकेंद्र बनने से मौजूदा उपकेंद्रों पर लोड कम करने में मदद मिलेगी। विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार, नोएडा में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। बिल्डर सोसाइटियों, औद्योगिक इकाइयों और संस्थानों की संख्या बढ़ने से हर साल मांग में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक इजाफा हो रहा है। आने वाले वर्षों में बिजली की मांग 3 हजार मेगावाट से अधिक पहुंचने का अनुमान है। इसे देखते हुए नए उपकेंद्र तैयार किए जा रहे हैं।

नोएडा से सबसे अधिक राजस्व

नोएडा से विद्युत निगम को उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में शहर की बिजली व्यवस्था और बुनियादी ढांचे पर मेरठ से लेकर लखनऊ तक अधिकारियों की नजर रहती है। विद्युत निगम का प्रयास है कि नए उपकेंद्रों के जरिए भविष्य की जरूरतों को पूरा किया जाए और गर्मियों में कटौती के साथ ही ब्रेकडाउन की समस्या को कम से कम किया जा सके।

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