हरियाणा में फिर शुरू हुआ बारिश का दौर, 13 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट
हरियाणा में सोमवार से फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है। IMD चंडीगढ़ के अनुसार 13 अगस्त तक कई जिलों में मूसलाधार बारिश और वज्रपात का अलर्ट है।
चंडीगढ़: हरियाणा में एक दिन के ब्रेक के बाद सोमवार से एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग, चंडीगढ़ के अनुसार प्रदेश के अनेक हिस्सों में 13 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. 10, 11 और 13 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है.
इन जिलों में बारिश के आसार: मौसम विभाग के अनुसार करनाल, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, मेवात, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत और पानीपत में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. बारिश के कारण इन क्षेत्रों में तापमान में गिरावट और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.
यमुनानगर में सुबह से बूंदाबांदी: यमुनानगर में सोमवार सुबह से ही बारिश हो रही है. जिले में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है. लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने को कहा गया है.
इन जिलों में कम बारिश : पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, भिवानी और चरखी दादरी में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है. वहीं सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और जींद में छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की तीव्रता अलग-अलग रहने का अनुमान है.
औसत तापमान में 2.8 डिग्री की बढ़ोतरी : 9 अगस्त को जारी अधिकतम तापमान रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा के औसत अधिकतम तापमान में पिछले दिन की तुलना में 2.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई. हालांकि तापमान सामान्य के आसपास रहा. अंबाला में सबसे अधिक 37 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया. चंडीगढ़ में 36, रोहतक में 35.3, करनाल में 35.2 और हिसार में 33.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा.
नारनौल सबसे ठंडा : महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4.3 डिग्री कम रहा. इस वजह से नारनौल प्रदेश के कई हिस्सों की तुलना में अपेक्षाकृत ठंडा रहा.
उमस और गर्मी से मिलेगी राहत : बारिश का यह दौर उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत दे सकता है. किसानों के लिए भी बारिश फसलों के लिहाज से उपयोगी साबित हो सकती है. हालांकि भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है. ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है.