Modinagar Road Accident News: मोदीनगर में दिल्ली-मेरठ मार्ग और DME पर हुए कई हादसे, 1 कांवड़िये की मौत, 9 घायल

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर मोदीनगर के भोजपुर के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से स्कूटी सवार कांवड़िये की मौत। दिल्ली-मेरठ मार्ग पर भी हादसों में 8 घायल।

मोदीनगर: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध होने के बावजूद शनिवार रात स्कूटी से हरिद्वार जल लेने जा रहे दो कांवड़िये भीषण हादसे का शिकार हो गए। मोदीनगर के भोजपुर थाना क्षेत्र स्थित गांव चुड़ियाला के समीप एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी।

इस दर्दनाक दुर्घटना में स्कूटी चला रहे चंदन (26 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनका साथी करण गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों आपस में मित्र थे और दिल्ली की शिवपुरी कॉलोनी के रहने वाले थे। पुलिस जांच के अनुसार, यात्रा के दौरान दोनों में से किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना हुआ था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों शाम करीब छह बजे अपनी स्कूटी से दिल्ली की शिवपुरी कॉलोनी से हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे। रात करीब 12 बजे जैसे ही वे भोजपुर क्षेत्र के चुड़ियाला गांव के पास पहुंचे, अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को तुरंत भोजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने चंदन को मृत घोषित कर दिया। वहीं घायल करण को प्राथमिक उपचार देने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। पुलिस ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों उछलकर सड़क पर दूर जा गिरे, जिससे चंदन के सिर पर गंभीर और जानलेवा चोट लगी थी।

🚨 दिल्ली सीमा से DME पर चढ़े थे दोनों: एसीपी मोदीनगर ने कहा- दिल्ली पुलिस से किया जाएगा दोबारा समन्वय

हादसे की जानकारी देते हुए एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया:

  • 50 किमी की दूरी की तय: दोनों युवक दिल्ली सीमा की ओर से ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर सवार हुए थे और करीब 50 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर भोजपुर तक पहुंच गए।

  • चेकिंग और सुरक्षा की चुनौती: गाजियाबाद सीमा में प्रतिबंधित वाहनों को चढ़ने से रोकने के लिए पुलिस तैनात है, लेकिन एक्सप्रेसवे का शुरुआती हिस्सा यूपी गेट के बाद दिल्ली की सीमा में आता है। दिल्ली पुलिस से प्रतिबंधित वाहनों को रोकने के लिए कहा गया है, लेकिन इसके बावजूद वहां से दोपहिया वाहन लगातार गाजियाबाद की ओर आ रहे हैं।

  • चलते ट्रैफिक में रोकने का खतरा: एक्सप्रेसवे की तेज रफ्तार गाड़ियों के बीच किसी दोपहिया वाहन को अचानक रोकना या बाहर निकालना चालक और पुलिसकर्मियों दोनों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

  • कड़े कदम: आगामी दिनों में कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए दिल्ली पुलिस से दोबारा समन्वय स्थापित किया जाएगा। कांवड़ यात्रा की कड़ी निगरानी के लिए DME पर दो विशेष पीसीआर (PCR) वैन तैनात की जा रही हैं।

⚠️ 5 अगस्त को भी हुई थी तीन कांवड़ियों की मौत: लगातार हादसों से सुरक्षा पर उठे सवाल

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर इस मानसून सीजन में यह कोई पहला गंभीर हादसा नहीं है। इससे पूर्व 5 अगस्त को भी भोजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ही बाइक सवार तीन कांवड़ियों की एक सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो चुकी है। लगातार हो रहे इन जानलेवा हादसों के बावजूद प्रतिबंधित दोपहिया वाहनों का एक्सप्रेसवे पर लगातार पहुंचना पुलिस और एनएचएआई (NHAI) की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर रहा है।

🩹 दिल्ली-मेरठ मार्ग पर अलग-अलग तीन हादसों में आठ कांवड़िये घायल

एक्सप्रेसवे के अलावा पुराने दिल्ली-मेरठ मार्ग (NH-34) पर भी तीन अलग-अलग सड़क हादसों में आठ कांवड़िये घायल हो गए:

  1. सीकरी कला हादसा: गाजियाबाद निवासी रवि कुमार और सोनू अपनी बाइक से हरिद्वार जा रहे थे। सीकरी कला के पास एक तेज रफ्तार बुलेट बाइक ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे दोनों घायल हो गए।

  2. बस स्टैंड हादसा: दिल्ली के रोहिणी निवासी गौरव, प्रियांक, सुमित और मयंक बाइक से हरिद्वार की ओर बढ़ रहे थे। मोदीनगर बस स्टैंड के पास उनकी बाइक एक अन्य वाहन से टकरा गई, जिसमें चारों को चोटें आईं।

  3. सड़क पार करते समय हादसा: नोएडा निवासी वरुण कुमार और दिल्ली के बुराड़ी निवासी अमित को पैदल सड़क पार करते समय एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मारकर घायल कर दिया।

सभी घायलों को त्वरित कार्रवाई करते हुए पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें डिस्चार्ज कर दिया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.