सिर्फ 32% भारतीय ही मानते हैं रेस्टोरेंट्स को साफ, जानिए खराब खाने को पहचानने के 7 आसान तरीके
LocalCircles के सर्वे में खुलासा: केवल 32% भारतीय ही मानते हैं रेस्टोरेंट का खाना हाइजीनिक है। जानिए रेस्टोरेंट में खराब खाने और गंदगी को पहचानने की 7 मुख्य टिप्स।
हाल ही में लोकल सर्वे में सामने आया है कि भारत में सिर्फ 32 फीसदी लोगों ने अपने शहर या इलाके में रेस्टोरेंट्स की साफ-सफाई और फूड सेफ्टी को अच्छा बताया. देश में कई बड़े होटल और रेस्टोरेंट्स हैं लेकिन ये डेटा बेहद चौंकाने वाला है. इसके अलावा बेंगलुरु में छापेमारी की गई जहां कई जगहों पर एक्सपायर हो चुकी चीजों के खाने पीने का सामना बनाया जा रहा था. बर्थडे हो, लंच-डिनर डेट या शादी की सालगिरह को मनाने के लिए लोग हम रेस्टोरेंट्स जाते हैं. पर कभी आपने सोचा है कि यहां जाने के बाद हमें मेन्यू के अलावा दूसरी चीजों पर भी नजर डालनी चाहिए.
देखा जाए तो रेस्टोरेंट्स की किचन में सबसे ज्यादा गंदगी होती है. चलिए आपको बताते हैं कि सर्वे में साफ सफाई को लेकर क्या सामने आया और होटल में किन तरीकों से पहचाना जा सकता है कि वहां खाना खराब मिल रहा है?
क्या कहता है सर्व ?
LocalCircles की और से ये रिपोर्ट सामने आई है और इसके मुताबिक सिर्फ 32 फीसदी भारतीय मानते हैं कि उनके शहर के रेस्टोरेंट्स या होटल में साफ-सफाई और फूड सेफ्टी का बेहतर ध्यान दिया जाता है. 42 फीसदी लोग ऐसे थे जिन्होंने इसे एवरेज और 9 फीसदी ने कंडीशन को बेहद खराब बताया. इस सर्व में करीब 244 जिलों के 91 हजार लोगों को हिस्सा बनाया गया.
रेस्टोरेंट में खराब खाना मिल रहा है? कैसे पहचानें…
खाने से बदबू आना- जो खाना आपको परोसा जा रहा है सबसे पहले उसकी गंध को चेक करें. देखें कि इसमें से अजीब सी गंध तो नहीं आ रही है. अगर ऐसा है तो तुरंत रेस्टोरेंट के मालिक या मैनेजर को इसकी शिकायत करें.
कर्मचारियों की हाईजीन- खाना परोसने वाले कर्मचारी की हाईजीन कैसी है ये भी बताती है कि रेस्टोरेंट की कंडीशन कैसी है. हाथों में गंदगी या उनसे बदबू आ रही है तो हो सकता है कि किचन में भी गंदगी हो. बहुत कम लोग रेस्टोरेंट में काम करने वाले लोगों की हाईजीन पर फोकस करते हैं.
ग्रेवी का कलर- आपको जो खाना परोसा जा रहा है उसमें मौजूद ग्रेवी या सब्जी के कलर को भी देखें. अगर इसका रंग नॉर्मल से अलग है तो ये गड़बड़ी का संकेत है. ऐसी सब्जी या ग्रेवी को टेस्ट करने से भी बचें.
स्वाद का अजीब होना- आपको जो खाना दिया जा रहा है अगर वो खराब है तो उसका स्वाद खट्टा या अजीब हो सकता है. कभी-कभी लोग पैसे खराब न हो इसलिए हल्के खट्टेपन को नजरअंदाज करके रेस्टोरेंट के फूड को खा लेते हैं. इससे फूड पॉइजनिंग या पेट से जुड़ी हेल्थ प्रॉब्लम हो सकती हैं.
बर्तनों की साफ सफाई- जिन बर्तनों में खाना परोसा गया है या फिर जिन पर आप डिश को डालकर खाने वाले हैं वो चम्मच या प्लेट गंदे तो नहीं है. इनमें किसी भी तरह की बदबू तो नहीं आ रही है. इस छोटे से तरीके को अपनाकर आप खराब खाने या फूड पॉइजनिंग से बच सकते हैं.
कच्चा या पके फूड को जांचें- रेस्टोरेंट में अगर नजर के सामने कच्चा फूड रखा हुआ है तो ये देखें कि उसे गलत तरीके से स्टोर तो नहीं किया गया है. इसके अलावा पके हुए खाने को भी इसी तरह चेक करें. रेस्टोरेंट्स में खाने को गार्निश करके परोस दिया जाता है लेकिन उन्हें स्टोर करने का तरीका कई जगह बेहद खराब होता है.
बाथरूम भी करें चेक- रेस्टोरेंट के बाथरूम की सफाई पर भी ध्यान दें. होटल या रेस्टोरेंट वाले हाईजीन को लेकर कितने सीरियस है ये वहां का बाथरूम या टॉयलेट भी बताते हैं. छोटे रेस्टोरेंट्स में बाथरूम की हालत बहुत खराब होती है.